लखनऊ , अक्टूबर 22 -- उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है।

इस संबंध में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, अनुभाग-1 की ओर से शासनादेश जारी किया गया है। आदेश के तहत आयोग के वर्तमान पदाधिकारियों को पुनः उनके पदों पर एक वर्ष तक बने रहने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

गौरतलब है कि पिछड़ा वर्ग आयोग राज्य सरकार को अन्य पिछड़ा वर्गों के कल्याण, उनके अधिकारों की रक्षा और नीतिगत निर्णयों में सलाह देने का कार्य करता है। आयोग के गठन का उद्देश्य पिछड़े वर्गों की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक प्रगति सुनिश्चित करना है। सरकार ने आयोग की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है ताकि प्रदेश में चल रही कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा और उन पर प्रभावी अमल जारी रह सके।

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