हमीरपुर , अप्रैल 9 -- उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों की सुविधा के लिए प्रदेश के सभी जिलों में 'डॉ. भीमराव अंबेडकर श्रमिक सुविधा केंद्र' (लेबर अड्डा) स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन केंद्रों में श्रमिकों के बैठने की व्यवस्था के साथ सस्ते दर पर चाय-नाश्ते के लिए कैंटीन भी खोली जाएगी। श्रम प्रवर्तन अधिकारी महेंद्र कुमार ने गुरुवार को बताया कि अभी तक जिलों और कस्बों में मजदूरों के लिए कोई स्थायी स्थान नहीं था, जिससे उन्हें काम मिलने में कठिनाई होती थी और दिनभर भटकने के बाद भी कई बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता था।

उन्होंने बताया कि भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधियों द्वारा इस समस्या को शासन के समक्ष उठाया गया था, जिसके बाद सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी जिलों में श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित करने का फैसला किया है। इन केंद्रों का निर्माण लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा कराया जाएगा। प्रत्येक लेबर अड्डा लगभग 200 से 400 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विकसित किया जाएगा, जहां श्रमिक एक स्थान पर एकत्रित होकर काम के अवसरों की प्रतीक्षा कर सकेंगे। साथ ही, यहां सस्ती दरों पर चाय-नाश्ते की व्यवस्था के लिए कैंटीन भी स्थापित की जाएगी, जिससे श्रमिकों को राहत मिलेगी। इसके लिए प्रत्येक जिले में उपयुक्त सरकारी जमीन की तलाश की जा रही है।

भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी विवेक मिश्रा ने कहा कि लेबर अड्डा बनने से श्रमिकों को बड़ी सुविधा मिलेगी और उन्हें धूप व अन्य कठिन परिस्थितियों से बचाव के लिए एक सुरक्षित स्थान उपलब्ध होगा।

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