गौतमबुद्धनगर , सितंबर 13 -- उत्तर प्रदेश के जनपद गौतमबुद्धनगर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में दस लाख से अधिक वादों एवं मामलों का समाधान हुआ।
सूचना अधिकारी ने रविवार को बताया कि जनपद न्यायालय के सभागार में जिला जज अतुल श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन किया। इस दौरान सभी न्यायिक अधिकारी, जनपद दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव मौजूद रहे। प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय विरेक अग्रवाल ने निस्तारित मामलों का विवरण उपलब्ध कराया।
न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों ने कुल 76,954 वादों का निस्तारण किया। इनमें समझौता धनराशि 16,06,44,918 रुपये रही। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण में 43 वाद निस्तारित हुए और 4,40,89,000 रुपये की समझौता धनराशि रही। जिला उपभोक्ता न्यायालय में 43 वादों का निस्तारण हुआ, जिसमें 2,60,83,254 रुपये की समझौता धनराशि रही।
वाणिज्य न्यायालय प्रथम में 13 वादों का निस्तारण हुआ और 1,07,01,459 रुपये की समझौता धनराशि रही। वाणिज्य न्यायालय द्वितीय में 20 वाद निस्तारित हुए और 1,04,24,099 रुपये की समझौता धनराशि रही। विशेष न्यायाधीश एनआई एक्ट न्यायालय में 30 वादों का निस्तारण हुआ, जिसमें 1,24,24,335 रुपये की समझौता धनराशि रही।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिकेष पाण्डेय ने 3,360 वादों का निस्तारण किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम मयंक त्रिपाठी ने 2,040, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय विरेक अग्रवाल ने 921 और अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय रवि कुमार सागर ने 779 वादों का समाधान किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में यातायात विभाग द्वारा 4,00,263 मामलों का निस्तारण किया गया। पुलिस विभाग ने 32,089 मामलों का समाधान किया। चिकित्सा विभाग द्वारा 1,00,045 मामलों का निस्तारण किया गया। नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने 5,160 मामलों का समाधान किया।
जिलाधिकारी के अधीनस्थ विभागों द्वारा 4,76,181 मामले निस्तारित किए गए। यूपीपीसीएल के 5,931, श्रम न्यायालय के 1,102 और बीएसएनएल के 51 मामलों का निस्तारण हुआ।
लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन स्तर पर 9,31,325 मामलों का निस्तारण हुआ। कमर्शियल कोर्ट एक्ट के अंतर्गत प्री-लिटिगेशन के 221 मामले भी निस्तारित किए गए। बैंक द्वारा 245 मामलों में 3,61,57,241 रुपये की वसूली की गई। फाइनेंस कंपनी के छह मामलों का निस्तारण हुआ, जिसमें 39,670 रुपये की धनराशि वसूल की गई। एनपीसीएल के 35 मामलों में 4,85,000 रुपये की समझौता धनराशि रही।
लोक अदालत के माध्यम से न्यायालयों में लंबित वादों के साथ विभिन्न विभागों और संस्थाओं से जुड़े मामलों का समाधान किया गया। बड़ी संख्या में मामलों के निस्तारण से पक्षकारों को त्वरित राहत मिली। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार जनपद में कुल 10,08,279 मामलों का निस्तारण हुआ। नोट: उपलब्ध विवरण में अंतिम कुल समझौता धनराशि 2,39,40,224 रुपये बताई गई है। न्यायालयवार और विभागवार धनराशियों में अंतर होने के कारण प्रकाशन से पहले इस आंकड़े का सत्यापन किया जाना उचित होगा।
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