पटना, मार्च 16 -- बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा के आग्रह के बाद करीब 300 अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी काम पर लौट आए हैं।

उपमुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने स्पष्ट किया था कि 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने वाले अधिकारियों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही हड़ताल की दोनों अवधि का समायोजन भी कर दिया जाएगा।

श्री सिन्हा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य टकराव नहीं बल्कि संवाद और समन्वय के माध्यम से जनहित के कार्यों को गति देना है।उन्होंने कहा कि मार्च का महीना राजस्व विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस समय एक ओर माननीय मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा चल रही है, वहीं दूसरी ओर राजस्व महा अभियान के तहत प्राप्त लगभग 46 लाख आवेदनों का निष्पादन और मुख्यमंत्री के निर्देश पर ई-मापी अभियान भी चल रहा है। इन सभी कार्यों को 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

उपमुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने कहा कि अंचल कार्यालयों से जुड़े कार्य सीधे आम लोगों की जमीन, प्रमाण-पत्र और राजस्व सेवाओं से संबंधित होते हैं। ऐसे में इन सेवाओं पर किसी भी प्रकार का असर जनता के हित में नहीं है। इसी कारण अधिकारियों से जनहित को प्राथमिकता देते हुए काम पर लौटने का आग्रह किया गया था।

श्री सिन्हा ने कहा है कि हड़ताल से वापस लौटने वाले अधिकारियों को तत्काल योगदान दिलाने का निर्देश सभी जिलाधिकारियों को दिया गया है। इसमें किसी प्रकार की शिकायत पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार का सर्वोच्च लक्ष्य हमेशा जनहित और सुशासन रहा है। सरकार अधिकारियों और कर्मचारियों की जायज़ समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील है, लेकिन प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही भी उतनी ही आवश्यक है।सरकार को उम्मीद है कि आने वाले समय में और अधिकारी भी काम पर लौटेंगे, जिससे राजस्व महा अभियान और अन्य जनहितकारी कार्य निर्धारित समय पर पूरे किए जा सकेंगे।

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