नैनीताल , जनवरी 30 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने प्रदेश की डिस्पेंसरियों में उपनल के माध्यम से कार्य कर रहे फार्मासिस्टों के स्थान पर नई भर्ती प्रक्रिया शुरू किए जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ताओं को पद पर बनाये रखने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही राज्य सरकार, चिकित्सा सेवा भर्ती बोर्ड, उपनल एवं अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर जबाव दाखिल करने को कहा है। न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की अवकाशकालीन पीठ ने दीपक कुमार एवं नौ अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिये।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि वह वर्षों से कार्य कर रहे हैं। अब विभाग नई भर्ती प्रक्रिया के नाम पर उन्हें सेवा से हटा रहा है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से उन्हें सेवा में बनाए रखने की गुहार लगाई है।
अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने के लिए निर्देश दिए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी।
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