नैनीताल , सितंबर 10 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम (उपनल) कर्मचारी संघ की ओर से दायर अवमानना याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार को जवाब पेश करने के लिए 24 सितंबर तक की मोहलत दे दी है।

न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ में इस मामले में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा गया कि शपथपत्र का जवाब देने के लिए उन्हें समय दिया जाए। कोर्ट ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को जवाब पेश करने के लिए 24 सितंबर तक की मोहलत दे दी।

उपनल कर्मचारी संघ की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि राज्य सरकार कर्मचारियों से जबरन अनुबंध पत्र भरवा रही है। जो कर्मचारी अनुबंध पत्र नहीं भर रहे हैं, उनका न सिर्फ वेतन रोका जा रहा है, बल्कि वेतन में भी कटौती की जा रही है और उन्हें सेवा से अचानक ब्रेक दिया जा रहा है।

संघ का कहना है कि जिन कर्मचारियों ने सरकार के बॉन्ड संबंधी आदेश का पालन नहीं किया, अब सरकार उन्हें इसकी सजा दे रही है।

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