चेन्नई , सितंबर 16 -- तमिलनाडु में दो विधानसभा सीटों के लिए छह अक्टूबर को होने वाला उपचुनाव राज्य की पांच महीने पुरानी विजय सरकार के कामकाज पर एक तरह का जनमत संग्रह हो सकता है।
इस उपचुनाव में कई पार्टियों के बीच मुकाबला है, लेकिन अपने गठबंधन की मज़बूती को देखते हुए सत्ताधारी 'तमिलगा वेट्री कझगम' (टीवीके) को बढ़त मिलती दिख रही है। यह उपचुनाव अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के दो विधायकों मरगथम कुमारवेल (मदुरंतकम) और पी. सत्यभामा (धरापुरम) के इस्तीफे के कारण हो रहा है। विधानसभा में विजय के विश्वास मत जीतने के तुरंत बाद ये दोनों टीवीके में शामिल हो गये थे, जिसको लेकर राज्य सरकार पर विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप लगे थे।
टीवीके ने उन्हें उनकी संबंधित सीटों से दोबारा उम्मीदवार बनाकर पुरस्कृत किया है। द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) और अन्ना द्रमुक के अलावा, फिल्म निर्माता से राजनेता बने सीमन की तमिल राष्ट्रवादी पार्टी 'नाम तमिलर काची' (एनटीके) भी मैदान में है। वामपंथी पार्टियों ने भी चुनाव में हिस्सा लिया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) एक-एक सीट पर चुनाव लड़ रही हैं। ये दोनों पार्टियां विजय सरकार को बाहर से समर्थन दे रही हैं।
उल्लेखनीय है कि नये गठबंधनों के बनने के बाद यह पहला चुनावी मुकाबला है, जिसमें द्रमुक के पूर्व सहयोगी टीवीके के साथ आ गये हैं और विजय सरकार को मज़बूती दे रहे हैं। बाहर से समर्थन देने वाली दो वामपंथी पार्टियों को छोड़कर, कांग्रेस, वीसीके और आईयूएमएल राज्य मंत्रिमंडल में शामिल हैं और टीवीके के नेतृत्व वाले 'धर्मनिरपेक्ष सामाजिक न्याय वेट्री गठबंधन' का गठन किया है, जिसमें टीवीके का 'वेट्री' टैग बरकरार रखा गया है। श्री वाइको की पार्टी एमडीएके भी इस गठबंधन हिस्सा है। पुराने सहयोगियों से अलग होने के बाद, मुख्य विपक्षी पार्टी द्रमुक एक दशक से भी अधिक समय में अपना पहला चुनाव लड़ रही है, और ये दोनों सीटें उसके मज़बूत गढ़ नहीं हैं।
अन्ना द्रमुक अपने नेताओं के लगातार पार्टी छोड़ने और लगातार चुनावी हार के बाद फिर से मजबूत होने के लिए संघर्ष कर रही है। उसके लिए दो पूर्व विधायकों द्वारा दोबारा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी से 'विश्वासघात' करने का मुद्दा चुनाव प्रचार का आधार बन गया है। हालांकि, उसके सहयोगी और श्री अंबुमणि रामदास के नेतृत्व वाली ओबीसी वन्नियार बहुल पीएमके ने अभी तक अपना समर्थन देने का वादा नहीं किया है और वह उपचुनाव से दूर रहती नजर आ रही है। मदुरांतकम में वन्नियार मतदाताओं की संख्या काफी अधिक है। ऐसे में पीएमके का समर्थन अन्नाद्रमुक के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
विधानसभा चुनाव में धारापुरम में टीवीके तीसरे स्थान पर रही थी और उसे 46,438 वोट मिले थे। वहीं, अन्नाद्रमुक के टिकट पर चुनाव लड़ने वाली सत्यबामा को 81,100 वोट मिले थे। द्रमुक 64,373 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रही थी।
मदुरांतकम में अन्नाद्रमुक की उम्मीदवार मरगतम कुमारवेल को 69,284 वोट मिले थे और उन्होंने 7,194 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। टीवीके 62,090 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रही थी, जबकि डीएमके को 59,838 वोट मिले थे और वह तीसरे स्थान पर रही थी।
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