उज्जैन , जुलाई 30 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय किसानों और ग्रामीणों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने के साथ क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को उज्जैन प्रवास के दौरान विक्रम उद्योगपुरी का निरीक्षण कर औद्योगिक विकास एवं निवेश परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप फसलों के उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे उनकी आय बढ़े और उद्योगों को स्थानीय स्तर पर आवश्यक कच्चा माल उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों, आधुनिक अधोसंरचना और निवेशकों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के कारण मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के कार्यपालक निदेशक राजेश राठौड़ ने मुख्यमंत्री को जिले में संचालित एवं प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं, औद्योगिक अधोसंरचना विकास, भूमि आवंटन और निवेश की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने लगभग 1,266 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित मेसर्स पेप्सिको इंडिया लिमिटेड की अत्याधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाई का निरीक्षण भी किया। इस इकाई का वर्चुअल लोकार्पण उन्होंने गुरुवार को किया। इस परियोजना से लगभग 800 प्रत्यक्ष तथा बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में 50.05 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन वर्किंग वूमेन हॉस्टल का भी निरीक्षण किया। लगभग 1,500 महिलाओं की आवासीय क्षमता वाले इस परिसर को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित एवं आधुनिक आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होने से प्रदेश में महिला कार्यबल की भागीदारी बढ़ेगी और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।

कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में उज्जैन जिले में 246 नई औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की गई है, जिनसे लगभग 16,150 करोड़ रुपये के निवेश तथा 14,500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि लगभग 773 एकड़ क्षेत्र में विकसित विक्रम उद्योगपुरी में अब तक 94 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं, जिनसे लगभग 6,480 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है।

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