जयपुर , अक्टूबर 30 -- राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ किसनराव बागडे ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों में शोध और नवाचारों को बढ़ावा देते हुए उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार पाठ्यक्रम विकसित करते हुए राज्य के विश्वविद्यालयों को उत्कृष्टता के केंद्र बनाए जाने का आह्वान किया है।

श्री बागडे शुक्रवार को लोकभवन में प्रदेश के वित्तपोषित विश्वविद्यालयों की विशेष समीक्षा बैठक में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं को पाठ्यपुस्तकों के अलावा विषय विशेषज्ञों के ऑनलाइन व्याख्यान कराने और कौशल विकास से जुड़ी गतिविधियों के क्रियान्वयन की भी आवश्यकता जताई।

उन्होंने राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के अंतर्गत भवन निर्माण और मरम्मत कार्यों को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराना सुनिश्चित किए जाने के भी विशेष रूप से बैठक में निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण एजेंसियों की समीक्षा करने और सम्बद्ध अधिकारियों को कार्यों का मौके पर नियमित भौतिक निरीक्षण किए जाने की भी हिदायत दी। उन्होंने राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों को इस संबंध में प्रदत अनुदान राशि का समुचित उपयोग किए जाने के साथ ही इससे जुड़ी कार्य एजेंसियों के कार्य का प्रमाणन गुणवता के आधार पर किए जाने पर भी जोर दिया।

राज्यपाल ने कहा कि सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के इस दौर में यह जरूरी है कि हमारे विश्वविद्यालय सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बने। इसके लिए वहां ज्ञान के सभी अनुशासनों में विषय विशेषज्ञों का ऑनलाइन व्याख्यान करवाया जाए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विषय विशेष से जुड़े देश विदेश के विशिष्टजनों को चिह्नित कर उनकी ऑनलाइन सेवाएं पढ़ाने के लिए भी ली जाए। इसके बहुत अच्छे दूरगामी सकारात्मक प्रभाव उच्च शिक्षा में मिलेंगे।

श्री बागडे ने कहा कि विश्वविद्यालय उद्योगों की आवश्यकता के बारे में समय समय पर जानकारियां ले और उनके अनुरूप अपने यहां पाठ्यक्रम ही विकसित नहीं करें, बल्कि कौशल विकास से भी विद्यार्थियों को जोड़े ताकि उनकी आवश्यकतानुसार मानव संसाधन उपलब्ध हो सके। उन्होंने नीमराना स्थित रैफल्स यूनिवर्सिटी की चर्चा करते हुए कहा कि वहां उद्योगों की मांग के अनुसार विद्यार्थियों को शिक्षित प्रशिक्षित किया जाता है। इस मॉडल पर हमारे विश्वविद्यालय कार्य करें।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा ने राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के मानदंडों के अनुरूप कार्य करने और इस संबंध में प्रदत राशि का निर्माण कार्यों में पारदर्शिता से उपयोग किए जाने पर जोर दिया। अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पूरे भारत का ग्रॉस एनरोलमेंट बढ़ाए जाने पर ध्यान दिया जा रहा है। इसी सम्बन्ध में प्रदेश में 25 प्रतिशत नामांकन वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में पिछले दो वर्षों में 76 नए कॉलेज खोले गए हैं। जयपुर, जोधपुर, अलवर को ऐसा हब बनाया गया है जहां विभिन्न अनुशासनों के विश्वविद्यालयों का समन्वय है। उन्होंने विश्वविधालयों में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन गतिविधियों और 'प्रोफेसर ऑफ प्रेक्टिस' रखे आदि के सुझाव दिए।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित