जयपुर , मई 30 -- राजस्थान में खाद्य पदार्थों में मिलावट एवं गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के आधार पर खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय की केंद्रीय प्रवर्तन टीम द्वारा शनिवार को उदयपुर जिले में दो स्थानों पर संयुक्त निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्रवाई करके मिलावट के संदेह पर 18 हजार लीटर घी जब्त किया गया है।

खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी शुभमंगला ने बताया कि अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह, के नेतृत्व में केंद्रीय एवं जिला टीम द्वारा संयुक्त रूप से श्री माधुर डेयरी फार्म एंड फूड प्रोडक्ट्स, अम्बेरी, उदयपुर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न ब्रांड से घी का निर्माण एवं भंडारण किया जाना पाया गया, जिनमें प्रमुख रूप से "उदयपुर फ्रेश देसी घी", "उदयपुर फ्रेश काउ घी", "माध्या देसी घी" तथा "जयन्त काउ घी" शामिल हैं। टैंकों एवं विभिन्न कंटेनरों में भी बड़ी मात्रा में तैयार घी पाया गया। अनेक टिन में बिना लेबल एवं बिना आवश्यक विवरण अंकित किए हुए घी का भंडारण पाया गया, जो खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं था।

कार्रवाई के दौरान परिसर से फूड कलर (रंग) की बोतलें भी बरामद हुईं। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि घी में पीला रंग डालकर उसे गाय के घी के रूप में विपणन करने का प्रयास किया जा रहा था। इस संबंध में विस्तृत वैज्ञानिक परीक्षण के लिए नमूने लिए गए हैं। जांच में यह भी पाया गया कि घी निर्माण के लिए विभिन्न स्रोतों से मक्खन खरीदा जा रहा था, जिनमें प्रमुख रूप से अरिहंत मिल्क प्रोडक्ट्स, इंदौर तथा चन्द्र कमल ब्रांड, देवास (मध्य प्रदेश) से प्राप्त मक्खन शामिल है, जिसे गर्म कर घी तैयार किया जा रहा था।

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत घी के चार विधिक नमूने संग्रहित कर परीक्षण के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए लगभग 18,000 लीटर तैयार घी को मौके पर ही जब्त कर उसके विक्रय एवं वितरण पर रोक लगा दी गई है।

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