रायपुर , जून 24 -- छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में एक बाघिन की मौजूदगी दर्ज होने से वन विभाग और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों में उत्साह का माहौल है। हाल ही में रिजर्व क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर लगाए गए कैमरा ट्रैप में बाघिन की तस्वीरें और वीडियो लगातार कैद हुए हैं, जिससे क्षेत्र में बाघों की संभावित वापसी की उम्मीदें मजबूत हुई हैं।
वन विभाग के अनुसार बाघिन प्राकृतिक रूप से विचरण करते हुए इस क्षेत्र तक पहुंची है और उसकी गतिविधियों से संकेत मिल रहे हैं कि वह इस क्षेत्र को अपना स्थायी आवास बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि बाघिन की उपस्थिति उदंती-सीतानदी में वन्यजीव संरक्षण और आवास सुधार के लिए किए गए प्रयासों की सफलता का महत्वपूर्ण संकेत है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक किसी भी वन क्षेत्र में बाघ या बाघिन का स्थायी निवास चुनना वहां बेहतर आवास, पर्याप्त शिकार आधार और सुरक्षित वातावरण की उपलब्धता का प्रमाण माना जाता है। कैमरा ट्रैप में कैद तस्वीरों के आधार पर बाघिन स्वस्थ एवं सक्रिय दिखाई दे रही है तथा क्षेत्र में अपना प्रभाव क्षेत्र स्थापित करने की प्रक्रिया में है।
वन विभाग ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में टाइगर रिजर्व में सघन गश्त, एंटी-पोचिंग नेटवर्क को मजबूत करने, कृत्रिम जलस्रोतों के निर्माण, क्षतिग्रस्त वन क्षेत्रों के पुनर्स्थापन, अतिक्रमण हटाने तथा वन्यजीवों के लिए सुरक्षित वातावरण विकसित करने जैसे अनेक कदम उठाए गए हैं। बाघिन की मौजूदगी को इन्हीं संरक्षण प्रयासों का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।
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