पंचकूला , अगस्त 08 -- उत्तर भारत में मानसून की बारिश का दौर अभी जारी रहने वाला है। हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि जम्मू-कश्मीर में 11 से 13 अगस्त के दौरान भारी बारिश का नया दौर देखने को मिल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार सुबह जारी अपने अखिल भारतीय मौसम सारांश और पूर्वानुमान बुलेटिन में यह जानकारी दी है।

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 8 अगस्त को काफी व्यापक बारिश का अनुमान है, जबकि 9 से 14 अगस्त तक छिटपुट बारिश होने की संभावना है। पंजाब में 8 से 14 अगस्त तक सभी सात दिनों में छिटपुट बारिश का पूर्वानुमान है। हिमाचल प्रदेश में 8-9 अगस्त को काफी व्यापक, 10-11 अगस्त को व्यापक और 12-14 अगस्त के दौरान काफी व्यापक बारिश का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 8 अगस्त को काफी व्यापक, 9-10 अगस्त को छिटपुट, 11 अगस्त को काफी व्यापक और 12 से 14 अगस्त तक व्यापक बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग का बुलेटिन 8 अगस्त को सुबह 8 बजकर 2 मिनट पर जारी किया गया। इसके मुताबिक, 7 अगस्त सुबह साढ़े आठ बजे से 8 अगस्त सुबह साढ़े पांच बजे तक हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और पंजाब में कई स्थानों पर बारिश हुई। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में अधिकांश स्थानों पर बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली के सफदरजंग और पालम में 10-10 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली मौसम उपमंडल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हुई।

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 8 अगस्त को काफी व्यापक से व्यापक बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग की सात दिन की तालिका के अनुसार, 9 से 14 अगस्त तक छिटपुट बारिश हो सकती है।

हालांकि, 8 से 14 अगस्त के लिए जारी दिनवार चेतावनियों में हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली को अलग से भारी बारिश की चेतावनी वाले क्षेत्रों में शामिल नहीं किया गया है। इससे पहले की अवलोकन अवधि में इस मौसम उपमंडल के कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज हुई थी।

मौसम विभाग ने हरियाणा के किसानों को खड़ी फसलों वाले खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करने और खेतों तथा बागों से अतिरिक्त वर्षा जल तुरंत निकालने की सलाह भी दी है।

पंजाब में 8 से 14 अगस्त तक रोजाना छिटपुट बारिश का अनुमान है। ताजा अवलोकन अवधि में राज्य के कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई।

बुलेटिन में पंजाब के लिए इस सात दिन की अवधि में अलग से भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है।

उत्तर भारत में बारिश का सबसे ज्यादा जोर हिमाचल प्रदेश में रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने राज्य में 8 से 13 अगस्त तक काफी व्यापक से व्यापक बारिश का अनुमान जताया है।

हिमाचल में 8 और 9 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 10 और 11 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 12 और 13 अगस्त को फिर अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 8 अगस्त को काफी व्यापक से व्यापक बारिश होने की संभावना है। 9 और 10 अगस्त को बारिश का फैलाव कम होकर कहीं-कहीं से छिटपुट रहने का अनुमान है। इसके बाद 11 से 13 अगस्त के दौरान बारिश फिर तेज होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने 11 से 13 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान कुछ दिनों में बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र पर बना कम दबाव का क्षेत्र कायम है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है।

मानसून की द्रोणिका अनूपगढ़ से होकर दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश में बने कम दबाव क्षेत्र के केंद्र, सतना, डाल्टनगंज और दीघा से गुजरते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक पश्चिमी विक्षोभ भी बना हुआ है।

उत्तर भारत के बाहर 8 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, केरल-माहे, कोंकण-गोवा, पूर्वोत्तर राज्यों, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल-सिक्किम और पश्चिमी राजस्थान में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

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