लखनऊ/आगरा , फरवरी 15 -- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज में निर्माणाधीन आर्य गुरुकुल म्यूज़ियम का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। 24.45 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह उत्तर भारत का पहला आधुनिक आर्य गुरुकुल म्यूज़ियम नई तकनीकों से सुसज्जित होगा, जहां इतिहास को पढ़ने के बजाय महसूस करने का अवसर मिलेगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने समीक्षा बैठक में परियोजना को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने बताया कि संग्रहालय में इमर्सिव लर्निंग, विज़ुअल स्टोरीटेलिंग और इंटरैक्टिव डिस्प्ले के माध्यम से आर्य समाज के इतिहास और विचारधारा को प्रस्तुत किया जाएगा। यहां स्थापना काल, संस्थापकों और स्थानीय नेताओं का योगदान, स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका, सिद्धांत, योग की प्रासंगिकता तथा वर्तमान समय में उसकी उपयोगिता जैसे विषयों पर अलग-अलग जोन विकसित किए गए हैं। यह म्यूज़ियम नई पीढ़ी को सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा।
परियोजना के तहत ऑडिटोरियम, मल्टीपर्पज हॉल, एम्फीथिएटर, हेलीपैड और फायर फाइटिंग सिस्टम सहित कई संरचनाएं तैयार हो चुकी हैं, जबकि अधिकांश स्थानों पर फिनिशिंग कार्य जारी है। बाहरी विद्युतीकरण, ट्यूबवेल और अंडरग्राउंड सम्प जैसे कार्य प्रगति पर हैं। वहीं सीसी रोड, हॉर्टिकल्चर, तालाब विकास और सीसीटीवी जैसी व्यवस्थाएं जल्द शुरू की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य इसे तय समयसीमा में पूर्ण करना है।
यह संग्रहालय पांच मूल पिलरों (ईश्वर, वेद, सत्य, सेवा और समानता) के संदेश को केंद्र में रखेगा। 'वेदों की ओर लौटो' की भावना के साथ यह म्यूज़ियम समाज को ज्ञान, नैतिकता और मानवता का मार्ग दिखाएगा। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि जिस तरह आगरा का ताजमहल विश्व स्तर पर पहचान रखता है, उसी तरह आर्य गुरुकुल म्यूज़ियम भी ब्रज क्षेत्र को नई वैश्विक पहचान दिलाएगा और इसे एक प्रमुख शैक्षिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
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