प्रयागराज, अगस्त 16 -- उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (यूपीएसजीएमसी) की एक आवश्यक बैठक आज संपन्न हुई। बैठक की शुरुआत बाबा राजिंदर सिंह जी आगरा वाले एवं ज्ञानी जनक सिंह जी द्वारा गुरु महाराज के चरणों में पंथ की चढ़दी कला, एकता एवं सरबत के भले की अरदास के साथ हुई।

बैठक में उत्तर प्रदेश के सिख समाज की आंतरिक एकजुटता, पिछड़े एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उत्थान, धार्मिक सम्मान की रक्षा, बच्चों की शिक्षा, युवाओं के विकास तथा सिख समाज के अधिकारों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए बंजारा, सिकरी एवं रमैया सिख समाज को मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।बैठक में उपस्थित सिख विद्वान एवं मार्गदर्शक बाबा राजिंदर सिंह जी आगरा वाले ने सिख समाज की एकजुटता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने विशेष रूप से बंजारा एवं सिकरी सिख समाज को मुख्यधारा से जोड़ने तथा उनके सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक उत्थान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता बताई।बैठक में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि ऐतिहासिक रूप से सिख पंथ की महत्वपूर्ण सेवा करने वाली रमैया सिख एवं सिकरी सिख बिरादरियों की पहचान को सुरक्षित रखने तथा उन्हें आवश्यक आर्थिक एवं सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए विशेष पहल की जाए जनरल मेंबरशिप एवं गुरुद्वारा रजिस्ट्रेशन बिल्कुल निःशुल्क रहेगा।

बैठक में यूपीएसजीएमसी के अध्यक्ष स. हरविंदर सिंह लॉर्ड ने स्पष्ट किया कि कमेटी द्वारा जनरल मेंबरशिप के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी सिख भाई-बहन जनरल मेंबर के रूप में कमेटी से जुड़ सकता है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश का कोई भी स्थानीय गुरुद्वारा यूपीएसजीएमसी के साथ अपना रजिस्ट्रेशन पूर्णतः निःशुल्क करा सकता है। इसके लिए न तो कोई शुल्क लिया गया है और न ही भविष्य में लिया जाएगा।

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