लखनऊ , सितंबर 16 -- उत्तर प्रदेश में पेराई सत्र 2025-26 के दौरान 102 चीनी मिलों ने गन्ना किसानों को उनके गन्ने का शत-प्रतिशत मूल्य भुगतान कर दिया है। राज्य में अब तक 94.86 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा चुका है।

गन्ना विकास विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रदेश की 23 सहकारी चीनी मिलों ने किसानों को 2,820.89 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। वहीं राज्य चीनी निगम की तीन मिलों ने 543.51 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। निजी चीनी मिलों की ओर से भी किसानों को गन्ना मूल्य का शत-प्रतिशत भुगतान किए जाने की जानकारी दी गई है।

विभाग के अनुसार, अयोध्या संभाग की मिलों ने 100 प्रतिशत, मुरादाबाद की मिलों ने 98.96 प्रतिशत और देवरिया की मिलों ने 97.86 प्रतिशत भुगतान किया है। लखनऊ संभाग में 6,462.19 करोड़ रुपये, मुरादाबाद में 6,398.36 करोड़ रुपये और सहारनपुर संभाग में 4,799.25 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

सरकार के अनुसार, पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की चीनी मिलों ने 9,220 लाख टन गन्ने की पेराई की, जबकि इससे पहले के नौ वर्षों में 6,168 लाख टन गन्ने की पेराई हुई थी। इस अवधि में 879.06 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ। सरकार का कहना है कि उसके कार्यकाल में अब तक गन्ना किसानों को 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। प्रदेश गन्ना, शीरा और एथेनॉल उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान पर है। विभाग के मुताबिक, इस अवधि में गन्ना किसानों की औसत आय में प्रति हेक्टेयर 40,720 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है।

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