पीलीभीत , जुलाई 05 -- उत्तर प्रदेश वन विभाग प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस के संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा आर्द्रभूमियों के प्रभावी प्रबंधन के उद्देश्य से सारस गणना का आयोजन करने जा रहा है।
पीलीभीत के प्रभागीय निदेशक वन एवं वन्यजीव भरत कुमार डी.के.ने शासन के पत्र के आधार पर मीडिया को यह जानकारी दी।
शासन के पत्र के अनुसार इस गणना का उद्देश्य प्रदेश में सारस की वर्तमान आबादी, उसके वितरण क्षेत्र तथा आवासीय उपयोग का वैज्ञानिक आकलन करना है।
सारस को स्वस्थ आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण संकेतक प्रजाति माना जाता है।
गणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सारस के महत्वपूर्ण प्रजनन एवं घोंसले बनाने वाले क्षेत्रों की पहचान की जाएगी, संभावित खतरों का आकलन किया जाएगा तथा वैज्ञानिक आधार पर संरक्षण एवं आवास प्रबंधन की प्रभावी रणनीतियाँ तैयार की जाएंगी।
उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी होने के कारण सारस का संरक्षण राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में सम्मिलित है। इस गणना में वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ शोधकर्ताओं, पक्षी विशेषज्ञों, संरक्षण संस्थाओं, स्थानीय समुदायों तथा स्वयंसेवकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
वन एवं वन्यजीव प्रभाग, पीलीभीत की तीनों रेंजों पीलीभीत, बीसलपुर एवं पूरनपुर रेंज ग्रीष्मकालीन सारस गणना गत माह 22 एवं 23 जून को करवायी गयी।
प्रभागीय निदेशक वन एवं वन्यजीव भरत कुमार डी.के. के अनुसार पीलीभीत रेंज अन्तर्गत ग्राम-टाह-03, ग्राम नगरिया कालोनी-06, ग्राम-भगतनिया-02, ग्राम जोशी कालोनी-02, ग्राम-सूरजपुर-02, ग्राम-तुर्कपुर बढ़वार-02. ग्राम-कैंच-02, ग्राम-सड़िया-03 तथा ग्राम-गौनेरी-03 कुल 25 सारस (वयस्क 25 व बच्चे-००) पाये गये। बीसलपुर रेंज अन्तर्गत ग्राम सुहास-04. ग्राम-बरखेडा-05. ग्राम बहादुरपुर हुकमी-03. ग्राम-मैनी झील-07. ग्राम करेली झाबर-07. बमरौली झाबर-08, ग्राम-चौसर हरदो पट्टी-08, ग्राम-लमुआ-03, ग्राम-अर्जुनपुर-02 एवं ग्राम गौहनिया-18 कुल 65 सारस (वयस्क 55 व बच्चे-10) पाये गये। पूरनपुर रेंज अन्तर्गत हरदोई ब्रांच नहर रम्पुरा पुल के निकट-03, ग्राम-घाटमपुर व घुंघचिहाई दियोरिया मार्ग-07, ग्राम-पिपरिया संतोष-02 व ग्राम-भरारी व लैहारी-06 कुल 18 सारस (वयस्क 18 व बच्चे-00) पाये गये। इस प्रकार प्रभाग अन्तर्गत वयस्क सारस-98 एवं सारस बच्चे 10 कुल 108 सारस पाये गये।
प्रभागीय निदेशक वन एवं वन्यजीव भरत कुमार डी.के. ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि शीतकालीन सारस गणना वर्ष 2025 जो कि 15 एवं 16 दिसंबर को की गयी थी, जिसमें प्रभाग अन्तर्गत कुल वयस्क सारस-89 एवं सारस बच्चे-09 कुल 98 सारस पाये गये थे। इस प्रकार शीतकालीन सारस गणना वर्ष 2025 से ग्रीष्मकालीन सारस गणना वर्ष 2026 में सारस की संख्या में वृद्धि हुयी है।
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