नयी दिल्ली , जुलाई 15 -- उत्तर प्रदेश के कपड़ा मंत्री राकेश सचान ने बुधवार को कहा कि राज्य में टेक्निकल टेक्सटाइल उद्योग तेजी से बढ़ रहा है और निवेशकों के लिए इस क्षेत्र में भरपूर अवसर है।

श्री सचान ने यहां बुधवार को भारत मंडपम् में आयोजित वैश्विक वस्त्र प्रदर्शनी 'भारत टेक्स 2026' के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश राज्य सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार नीतिगत समर्थन से वस्त्र उद्योग को काफी ऊंचाई तक लेकर जा रही है। सरकार बुनकरों और हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन राशि के जरिये उनकी मदद कर रही है। मुख्यमंत्री चाहते हैं कि इस राशि में और वृद्धि की जाये।

उन्होंने कहा कि राज्य टेक्निकल टेक्सटाइल में भी काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। एक हजार एकड़ में पीएम मित्र पार्क बन रहा है। कानपुर, आगरा और गोरखपुर में फ्लैटेड फैक्ट्री तैयार हैं जिनमें वस्त्र उद्योग को ही आवंटन किया जा रहा है। पिछले उत्तर प्रदेश निवेशक सम्मेलन में राज्य में परिधान क्षेत्र में 70 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे। उन्होंने निवेशकों से राज्य के वस्त्र उद्योग में निवेश करने की अपील की और कहा कि उन्हें सरकार की सरल नीति और कम लागत पर कौशल प्राप्त श्रम बल का लाभ मिलेगा।

मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का कुल निर्यात दो लाख करोड़ रुपये है जिसमें परिधान, वस्त्र, हस्तशिल्प और कालीन का निर्यात 35 हजार करोड़ रुपये का है।

बनारस उत्तर के विधायक रवींद्र जायसवाल ने कहा कि कारीगरों को उन परिधानों पर ध्यान केंद्रित करना होगा जिनकी मांग ज्यादा है। उन्होंने कहा कि बनारसी साड़ी महिलाएं त्योहारों और विशेष मौकों पर पहनती हैं। कारीगरों को रोज पहनने वाले परिधान बनाने चाहिये।

बच्चों की विद्यालय की पोशाक का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने कोशिश की थी कि कोई आपूर्तिकर्ता मिल जाये लेकिन जब कोई नहीं मिला तो बच्चों को इसके लिए पैसे दिये जा रहे हैं। हर जिले में औसतन डेढ़ लाख पोशाक की जरूरत है। यह एक बड़ा बाजार है।

उन्होंने कहा कि पहले बुनकरों के लिए सरकार की नीतियां फाइलों तक होती थीं, उनका लाभ लेने में लोगों के जूते घिस जाते थे। आज सरकार खुद बताती है कि यह नीति है, आप आकर इसका लाभ लीजिये। उन्होंने नकली बनारसी रेशम की साड़ियों से बाजार को हो रहे नुकसान का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ दुकानदारों द्वारा नकली सामान बेचने के कारण सभी बदनाम हो रहे हैं और बिक्री घट रही है।

कार्यक्रम में चार बुनकरों को प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किये गये।

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