लखनऊ , मई 18 -- समूचे उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के लखनऊ केंद्र द्वारा जारी हीट वेव बुलेटिन के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक लू और गर्म रातों की स्थिति बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के लखनऊ केंद्र द्वारा जारी हीट वेव बुलेटिन के अनुसार सोमवार दोपहर 2:30 बजे प्रयागराज प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा झांसी में 45.4 डिग्री, वाराणसी बीएचयू में 44.8 डिग्री, वाराणसी एयरपोर्ट पर 44.4 डिग्री, फुरसतगंज में 43.8 डिग्री, आगरा में 43.8 डिग्री, सुल्तानपुर में 43.2 डिग्री, लखनऊ में 42.8 डिग्री, मेरठ में 42 डिग्री तथा आजमगढ़ में 40.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में बांदा जिले में लू की स्थिति दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी तापमान सामान्य से ऊपर बना रहा। प्रयागराज, सुल्तानपुर और गाजीपुर में तापमान सामान्य से काफी अधिक रिकॉर्ड किया गया। आईएमडी ने 18 से 22 मई तक प्रदेश के कई जिलों में लू और कहीं-कहीं अत्यधिक लू चलने की चेतावनी जारी की है। प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, झांसी, महोबा, जालौन और आगरा समेत कई जिलों में उष्ण लहर की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि दोपहर 11 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खेतों, निर्माण कार्य और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक बताया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुंचने पर हीट वेव की स्थिति मानी जाती है। सामान्य तापमान से 4.5 डिग्री से 6.4 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान होने पर लू तथा 6.4 डिग्री सेल्सियस से अधिक होने पर गंभीर लू घोषित की जाती है। वहीं 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक वास्तविक तापमान को भी हीट वेव की श्रेणी में रखा गया है।

आईएमडी ने चेतावनी दी है कि सामान्य लोगों के लिए गर्मी भले ही सीमित रूप से सहनीय हो, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए यह स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न कर सकती है। तेज गर्मी में मजदूरों, खेतों में काम करने वाले किसानों, खनन और औद्योगिक श्रमिकों में डिहाइड्रेशन और लू लगने का खतरा अधिक रहेगा।

मौसम विभाग ने सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है। लोगों से हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने, सिर को ढककर रखने और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने को कहा गया है। ओआरएस, लस्सी, छाछ, नींबू पानी और अन्य घरेलू पेय पदार्थों के सेवन पर जोर दिया गया है।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड पेय पदार्थ शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकते हैं, इसलिए इनसे बचना चाहिए। साथ ही भारी और बासी भोजन का सेवन भी नहीं करने की सलाह दी गई है।

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