लखनऊ , जून 16 -- उत्तर प्रदेश संयुक्त बी.एड. प्रवेश परीक्षा-2026 का परिणाम मंगलवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ में घोषित कर दिया गया।
अलीगढ़ की वंदना सिंह ने विज्ञान वर्ग से प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। वही अलीगढ़ के ही नितिन पचौरी दूसरे और जौनपुर की मिश्रा खुशी अजय तीसरे स्थान पर रहीं। टॉप-10 में छह महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राज्यमंत्री रजनी तिवारी, प्रमुख सचिव एम.के. अग्रवाल व अन्य अधिकारियों ने वीडियो कॉल के जरिए टॉपर्स से बात की और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना दी है।
श्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने टेक्नोलॉजी और एआई जोड़कर अभेद्य सिस्टम से परीक्षा कराई। योगी सरकार के आने के बाद परीक्षाएं शुचिता और पारदर्शिता के साथ हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि सफल अभ्यर्थी ईमानदारी और परिश्रम से राष्ट्र के प्रति समर्पित रहें, यही सच्ची देशभक्ति है।
राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि अभ्यर्थियों का ज्ञान और समर्पण उन्हें अलग पहचान दिलाएगा। उन्होंने विश्वविद्यालय की टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
इस मौके पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पांडे, आरएमएल विधि विवि के कुलपति प्रो. अमरपाल सिंह, प्रमुख सचिव एम.के. अग्रवाल समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी द्वारा 31 मई को दो पालियों में प्रदेश के 72 जिलों के 1011 केंद्रों पर परीक्षा कराई गई थी। 4,44,958 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें 2,72,659 महिलाएं, 1,72,297 पुरुष और दो ट्रांसजेंडर शामिल थे। कुल 4,00,107 अभ्यर्थियों को रैंक जारी की गई।
परीक्षा में करीब 90 प्रतिशत उपस्थिति रही। कासगंज और पीलीभीत में सर्वाधिक 95 प्रतिशत जबकि गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में सबसे कम 84 प्रतिशत अभ्यर्थी उपस्थित हुए।
परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर से सभी केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की गई। 22 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे, 5651 बायोमेट्रिक मशीनें और एआई आधारित फेस रिकॉग्निशन सिस्टम का इस्तेमाल हुआ।
वीओआईपी सिस्टम से रियल टाइम संपर्क रखा गया। परीक्षा के दौरान अनुचित साधन प्रयोग करते चार अभ्यर्थी पकड़े गए, जिनका परिणाम निरस्त कर दिया गया।
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