ग्रेटर नोएडा , अक्टूबर 13 -- उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्ट यूपी ने ग्रेटर नोएडा में दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल और उत्तर प्रदेश के बीच गोलमेज बैठक का आयोजन किया।

कोरिया वर्ल्ड क्लास एंटरप्राइज एसोसिएशन (केडब्लूसीइए) का कारोबारी प्रतिनिधिमंडल 12 से 15 अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश के दौरे पर है। प्रतिनिधिमंडल ने आज बैठक में भाग लिया और नोएडा तथा गाजियाबाद की प्रमुख औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकी इकाइयों का दौरा करेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर प्रदेश और दक्षिण कोरिया के बीच आर्थिक सहयोग को विस्तार देना है।

केडब्लूसीइए एक गैर-लाभकारी संगठन है, जो सरकार समर्थित विश्व स्तरीय एंटरप्राइज कार्यक्रम के तहत 400 से अधिक कोरियाई कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केडब्लूसीइए और यूनिटेक कंपनी लिमिटेड के चेयरमैन सेउंग-हो ली कर रहे हैं।

प्रतिनिधिमंडल एचसीएलटेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), संवर्धना मदरसन, डेकी इलेक्ट्रॉनिक्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड का दौरा करेगा। इन दौरों के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल को क्षेत्र की विनिर्माण क्षमता, प्रौद्योगिकी तंत्र और औद्योगिक बुनियादी ढांचे की जानकारी मिलेगी।

गोलमेज बैठक में 18 कंपनियों ने भाग लिया। इसकी अध्यक्षता उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीईएलसी) की प्रबंध निदेशक जसजीत कौर, इन्वेस्ट यूपी की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) गजल भारद्वाज, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (जीनीडा) की एसीओ प्रेरणा सिंह और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के एसीओ मनीष मीना ने की।

बैठक में यूपीईएलसी ने उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स नीति, इन्वेस्ट यूपी ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति, जीनीडा ने औद्योगिक भूमि बैंक और यीडा ने प्रस्तावित कोरिया सिटी की जानकारी दी। प्रस्तुतियों के बाद निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

दक्षिण कोरिया की यूनिटेक, हाना माइक्रोन, डोंगजिन सेमिकेम और शिला इंडस्ट्रियल सहित कंपनियों ने भाग लिया। इनके प्रतिनिधित्व वाले प्रमुख क्षेत्रों में सेमीकंडक्टर, विशेष रसायन, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री, ऑटोमोबाइल कलपुर्जे और मोबिलिटी शामिल हैं। संबंधित क्षेत्रों के भारतीय उद्योग प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।

इन्वेस्ट यूपी ने विनिर्माण निवेश आकर्षित करने, वैश्विक कारोबारी केंद्र स्थापित करने और रोजगार सृजन के लिए उत्तर प्रदेश एफडीआई/एफसीआई, फॉर्च्यून ग्लोबल 500 एवं फॉर्च्यून इंडिया 500 कंपनियां निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 तथा उत्तर प्रदेश ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) नीति-2024 की जानकारी दी।

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