नयी दिल्ली , सितंबर 23 -- उत्तर प्रदेश में सहकारी मॉडल पर आधारित 'भारत टैक्सी' सेवा का बुधवार को लखनऊ के साथ गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में शुरू की गयी।
केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 'भारत टैक्सी' का मूलमंत्र 'ड्राइवर इज द ओनर' है, जिसके तहत चालक केवल सेवा प्रदाता नहीं बल्कि सहकारी व्यवस्था का भागीदार और मालिक भी होगा। उन्होंने कहा कि फरवरी 2026 में शुरू हुई भारत टैक्सी सेवा से छह माह में 10 लाख से अधिक सारथी जुड़ चुके हैं और प्रतिदिन करीब 20 हजार राइड्स हो रही हैं। लगभग 40 लाख यात्री इस सेवा से जुड़ चुके हैं तथा पिछले छह महीनों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सारथियों के खातों में पहुंची है। उन्होंने बताया कि लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में अब तक करीब 40 हजार सारथियों का पंजीकरण हो चुका है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से चालक सेवा के साथ-साथ स्वामित्व और निर्णय प्रक्रिया में भी भागीदारी हासिल कर सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'सहकार से समृद्धि' के विजन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में पिछले पांच वर्षों में सहकारिता क्षेत्र में 160 से अधिक नयी पहलें शुरू की गयी हैं। देश में करीब 8.5 लाख सहकारी समितियां और लगभग 32 करोड़ सदस्य हैं। करीब 3,000 करोड़ रुपये की लागत से 80 हजार पैक्स के कम्प्यूटरीकरण का काम चल रहा है। उत्तर प्रदेश में सदस्यता अभियान के तहत 54 लाख से अधिक नये सदस्य बनाये गये हैं, जिनमें करीब 17.5 लाख किसान हैं। मोहोल ने कहा कि सहकारिता को कृषि के साथ-साथ भंडारण, बीमा, जैविक उत्पाद, बीज, स्वास्थ्य, निर्यात और अब मोबिलिटी जैसे नए क्षेत्रों से जोड़ा जा रहा है।
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