सियोल , सितंबर 20 -- उत्तर कोरिया ने रविवार को कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च के बाद एक और मिसाइल लॉन्च की है। दक्षिण कोरिया की सेना ने यह जानकारी दी।

यह घटनाक्रम उत्तर कोरिया द्वारा इस क्षेत्र में अमेरिका के नेतृत्व में लगातार हो रहे सैन्य अभ्यासों के खिलाफ "जवाबी कार्रवाई" करने के संकल्प के कुछ दिनों बाद हुआ है।

दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा कि उसने अतिरिक्त मिसाइल प्रक्षेपण की आशंका को देखते हुए निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने कहा कि उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण को लेकर अमेरिका और जापान के साथ सूचनाओं का लगातार आदान-प्रदान किया जा रहा है और सेना पूरी तरह तैयार है।

दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार, उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से समुद्र की ओर एक कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दागी। सेना ने अतिरिक्त प्रक्षेप्य के संबंध में कोई और जानकारी नहीं दी।

यह प्रक्षेपण 12 सितंबर को इसी क्षेत्र से उत्तर कोरिया द्वारा पूर्वी सागर की ओर कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने के करीब एक सप्ताह बाद हुआ है।

जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उत्तर कोरिया के पूर्वी तट से दोपहर करीब तीन बजे कम से कम एक बैलिस्टिक मिसाइल उत्तर-पूर्व दिशा में दागी गई। मंत्रालय के अनुमान के अनुसार, मिसाइल करीब 60 किलोमीटर की अधिकतम ऊंचाई तक गई, लगभग 440 किलोमीटर की दूरी तय की और जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र से बाहर जापान सागर में जा गिरी।

मंत्रालय ने कहा कि उत्तर कोरिया से पहले दागी गई वह वस्तु, जिसके बैलिस्टिक मिसाइल होने की आशंका है, जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र में दाखिल हुई या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। मंत्रालय के अनुसार, किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं मिली है और आसपास के क्षेत्र में मौजूद विमानों तथा जहाजों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा दी गई है।

इस बीच, जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने अधिकारियों को सूचना जुटाने और उसका विश्लेषण करने, जनता को त्वरित और सटीक जानकारी देने, विमानों और जहाजों की सुरक्षा की पूरी तरह पुष्टि करने तथा किसी भी अप्रत्याशित घटना से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए।

जापान सरकार ने संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों से मिली सूचनाओं के समन्वय तथा मिसाइल प्रक्षेपण के जवाब में उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा के लिए अपनी प्रतिक्रिया टीम भी गठित की।

जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वह अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ करीबी समन्वय कर रहा है और निगरानी तथा सतर्कता बनाए रखेगा। मंत्रालय ने कहा कि उत्तर कोरिया की ओर से बार-बार बैलिस्टिक मिसाइलों और अन्य प्रक्षेप्यों का प्रक्षेपण जापान, क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की शांति एवं सुरक्षा के लिए खतरा है।

मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों का उल्लंघन हैं और जापानी नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला हैं। जापान ने उत्तर कोरिया के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराने के साथ इसकी कड़ी निंदा की है।

दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति कार्यालय ने भी प्योंगयांग से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के तहत प्रतिबंधित बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण तत्काल रोकने का आग्रह किया। कार्यालय ने बताया कि प्रक्षेपण पर चर्चा के लिए आपात राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक हुई।

यह प्रक्षेपण ऐसे समय हुआ है जब उत्तर कोरिया अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पिछले महीने दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास में कटौती के फैसले के बावजूद हथियारों का परीक्षण जारी रखे हुए है। यह कदम उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ कूटनीतिक प्रयास दोबारा शुरू करने की कोशिश के तौर पर देखा गया था।

किम जोंग उन की बहन और वरिष्ठ अधिकारी किम यो जोंग ने इससे पहले श्री ट्रंप के फैसले को खारिज करते हुए कहा था कि सैन्य अभ्यास की अवधि कम करने से उसकी "उकसावे वाली और आक्रामक प्रकृति" में कोई बदलाव नहीं आएगा।

इसके बाद उत्तर कोरिया की सेना ने समुद्र की ओर करीब 10 कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। यह कदम अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास के खिलाफ पहले दी गई प्रतिक्रिया की चेतावनी को पूरा करने के तौर पर देखा गया था।

साल 2019 में श्री ट्रंप के साथ उच्चस्तरीय कूटनीतिक प्रयास विफल होने के बाद से श्री किम जोंग उन उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों के जखीरे का विस्तार जारी रखे हुए हैं।

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