नैनीताल , फरवरी 12 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने देहरादून के खेड़ी मानसिंह गांव में ग्रामीणों की भूमि को बिना अनुमति के भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) को आवंटित किए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार के साथ ही आईटीबीपी से जवाब पेश करने को कहा है।

मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने राज्य सरकार, केंद्र सरकार सहित आईटीबीपी से दो सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने को कहा है। अदालत ने याचिकाकर्ता से भी प्रति शपथपत्र दायर करने को कहा है।

देहरादून जिले के ग्राम खेड़ी मानसिंह मालदेवता निवासी नंद किशोर ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि राज्य सरकार ने बिना ग्रामीणों को सुने उनकी खेती योग्य भूमि को आईटीबीपी को आवंटित कर दी है।

यही नहीं अब आईटीबीपी द्वारा परंपरागत मार्गों को बंद कर दिया गया है। ग्रामीणों को आवाजाही करने से रोक दिया जा रहा है। ग्रामीणों की ओर से जिलाधिकारी, आईटीबीपी के साथ ही प्रदेश के मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री को भी इस संबंध में प्रत्यावेदन भेजे गए लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीण धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।

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