भराड़ीसैंण (गैरसैंण) , मार्च 10 -- उत्तराखंड विधानसभा (विस) सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को प्रश्नकाल में एक प्रश्न के उत्तर में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि वनाग्नि रोकने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिन गंभीर प्रयासों को शुरू किया गया है, उनसे सार्थक परिणामों की उम्मीदें बढ़ रही हैं। सरकार ने वन विभाग के माध्यम से एक वर्ष के भीतर ग्रामीणों से पांच करोड़ 42 लाख रुपये का पिरूल खरीदा है।
श्री उनियाल ने बताया कि चीड़ के जंगलों में आग लगने के मूल कारण को खत्म करने के लिए ग्रामीणों से वर्ष 2025 में 5532 टन पिरूल खरीदा गया है। इस लक्ष्य को अब बढ़ाकर 8555 टन कर दिया गया है। सरकार की ये ही मंशा है कि पिरुल एकत्रित कर आग की आशंका को न्यूनतम स्तर पर पहुंचा दिया जाए।
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