पौड़ी , मई 01 -- उत्तराखंड राज्य कर्मचारी सफाई आयोग के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) भगवत प्रसाद मकवाना ने शुक्रवार को पौड़ी नगर पालिका सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सफाई कर्मचारियों के अधिकारों, सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों से संबंधित किसी भी प्रकार का भुगतान एक दिन भी लंबित न रखा जाए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी व समयबद्ध होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सफाई कर्मचारियों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सभी कर्मचारियों को पांच लाख रुपये का बीमा कवर उपलब्ध कराया गया है, जिसका प्रीमियम सरकार वहन कर रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक पात्र कर्मचारी तक इस योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
स्वास्थ्य सुरक्षा के तहत नियमित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि कर्मचारियों को समय पर जांच और उपचार मिल सके। साथ ही सीवर व सैप्टिक टैंक की सफाई में लगे कर्मचारियों के लिए मानक सेफ्टी किट उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया। "नमस्ते योजना" के अंतर्गत सभी पात्र कर्मियों का पंजीकरण भी अनिवार्य करने को कहा गया।
मकवाना ने मैनुअल स्कैवेंजिंग एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए समाज कल्याण विभाग को नोडल विभाग बनाने तथा समन्वय समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 जून तक विशेष शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक कर्मचारियों को योजनाओं से जोड़ा जाए।
उन्होंने वर्ष 2018 तक 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूरा करने, सभी शहरी निकायों से अद्यतन पद विवरण लेने तथा कर्मचारियों के स्वास्थ्य कार्ड बनवाने के निर्देश भी दिए।
उपाध्यक्ष ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहरी स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए उनके प्रति संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
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