नैनीताल , फरवरी 26 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय के सख्त रुख के बाद प्रदेश सरकार ने वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर संयुक्त स्थायी नियुक्ति कर दी है।
सरकार की ओर से यह बात गुरुवार को उच्च न्यायालय को बतायी गई। इसके बाद अदालत ने जनहित याचिका को पूरी तरह से निस्तारित कर दिया है।
इस मामले को हल्द्वानी निवासी शादाब आलम की ओर से चुनौती दी गई। इस मामले में सुनवाई मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में हुई।
उन्होंने दायर जनहित याचिका में कहा कि वक्फ बोर्ड के सीईओ के पद पर राज्य सरकार की ओर से अवर सचिव स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की गई है। जो कि गलत है।
यह भी कहा गया कि सरकार के आदेश का अनुपालन नहीं कर रही है। अदालत सरकार को दो बार आदेश दे चुकी है। पिछली सुनवाई पर भी खंडपीठ ने सरकार से इस संबंध में जवाब मांगा था।
तब मुख्य स्थायी अधिवक्ता (सीएससी) ने चंद्र शेखर रावत ने खंडपीठ को कहा कि सरकार उपयुक्त अधिकारी की तलाश कर रही है। यह नियुक्ति अंतरिम व्यवस्था के तहत की गई है।
वहीं आज श्री रावत ने कहा कि सरकार ने स्थायी नियुक्ति कर दी है। अंततः अदालत ने याचिका को पूर्ण रूप से निस्तारित कर दी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित