देहरादून , जुलाई 19 -- उत्तराखंड में लगातार सक्रिय मानसून तथा भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा कुछ जनपदों के लिए 20 जुलाई को रेड तथा ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से रविवार रात प्रदेशभर में स्थिति की जानकारी ली।

श्री धामी ने सभी विभागों एवं जनपदों को पूर्ण सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में श्री सुमन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र पहुंचकर प्रदेशभर में बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान मौसम पूर्वानुमान, संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति, सड़क संपर्क, नदियों के जलस्तर, राहत एवं बचाव संसाधनों की उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों की तैयारियों का विस्तृत आकलन किया गया।

श्री सुमन ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 20 जुलाई को देहरादून, टिहरी गढ़वाल और हरिद्वार जनपदों में रेड अलर्ट, उत्तरकाशी, नैनीताल, चम्पावत, पौड़ी एवं ऊधम सिंह नगर में ऑरेंज अलर्ट, जबकि रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट जारी किया गया है। रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों में कहीं-कहीं अत्यधिक से बहुत भारी वर्षा, भूस्खलन, जलभराव, अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियां तथा नदी-नालों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि की संभावना जताई गयी है। उन्होंने सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों तथा संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि मौसम विभाग द्वारा जारी प्रत्येक चेतावनी पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिला एवं तहसील स्तर के आपदा नियंत्रण कक्षों को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव दल बिना विलंब मौके पर पहुंचें।

उन्होंने कहा कि नदियों, बरसाती नालों, गाड़-गदेरों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी रखी जाए। जोखिम वाले स्थानों पर रहने वाले परिवारों को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। निर्माणाधीन परियोजनाओं, सड़क निर्माण कार्यों तथा अन्य संवेदनशील स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए खराब मौसम के दौरान आवश्यकतानुसार कार्य स्थगित करने के निर्देश भी दिए गए।

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