चम्पावत , मई 16 -- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देवीधुरा स्थित प्रसिद्ध मां वाराही धाम पहुंचकर मंदिर के नवनिर्माण एवं विकास कार्यों का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि माँ वाराही धाम केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है और आने वाले समय में यह राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धाम का विकास इसकी पौराणिक गरिमा एवं मूल स्वरूप को अक्षुण्ण रखते हुए किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ आध्यात्मिक अनुभूति भी प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने ने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग Rs.15 करोड़ की लागत से माँ वाराही मंदिर का भव्य नवनिर्माण कार्य चार खाम सात थोक एवं माँ वाराही शक्तिपीठ ट्रस्ट द्वारा आगामी दो से तीन वर्षों में पूर्ण किया जाएगा। मंदिर निर्माण में राजस्थान के विशेष नक्काशीदार पत्थरों का उपयोग किया जाएगा जबकि स्थापत्य कला एवं शिल्प कार्य गुजरात के विशेषज्ञ कारीगरों की देखरेख में संपन्न होंगे।
इससे पहले श्री धामी ने देवीधुरा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज पहुंचकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने बच्चों को शिक्षा, अनुशासन और जीवन के लक्ष्यों के प्रति जागरूक करते हुए मन लगाकर अध्ययन करने और उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की प्रेरणा दी।
यही नहीं मुख्यमंत्री ने 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026' के अंतर्गत आयोजित जिला प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
श्री धामी ने दिवंगत सोमेंद्र सिंह बोहरा के परिजनों से भी मुलाकात कर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया तथा Rs.10 लाख की आर्थिक सहायता राशि का चेक स्वर्गीय सोमेंद्र के पिता को सौंपा।
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