हल्द्वानी , अगस्त 08 -- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक को लेकर उत्तराखंड की भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में पेपर लीक उद्योग बन गया है और यहां भर्ती माफिया फल-फूल रहा है।

श्री खरगे ने शनिवार को उत्तराखंड के हल्द्वानी में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं से लेकर कई अन्य भर्तियों तक पेपर लीक का सिलसिला चल रहा है। उत्तराखंड में नौकरियां बिक रही हैं और भर्ती माफिया फल-फूल रहा है तथा नौकरी उन्हें मिलती है जिनके पास पैसा और भाजपा में संपर्क हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज देश की पूरी शिक्षा और रोजगार व्यवस्था तबाह हो चुकी है। डिग्रियां तो मिल रही हैं, लेकिन युवाओं के हाथ में हुनर नहीं है। नयी शिक्षा नीति-2020 में 2025 तक 50 प्रतिशत छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इसका केवल दो प्रतिशत ही जमीन पर उतर पाया है। सरकार की सारी योजनाएं हवा-हवाई साबित हो रही हैं। देश में हर साल करीब 50 लाख स्नातक तैयार होते हैं लेकिन स्नातक स्तर की केवल करीब 28 लाख नौकरियां ही पैदा होती हैं। यानी हर साल करीब 22 लाख युवाओं के सपने शुरू होने से पहले ही टूट जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियां रोजगार पैदा करने वाले निवेश के बजाय कुछ चुनिंदा बड़े उद्योग समूहों को लाभ पहुंचाने में लगी हैं।

श्री खरगे ने कहा कि कांग्रेस ने पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे युवाओं का साथ दिया और पिछले कई दिनों से संसद के भीतर भी उनके साथ कथित बर्बरता के खिलाफ आवाज उठा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के प्रदर्शन के दौरान छर्रे वाली बंदूकों का इस्तेमाल किया गया, पानी की बौछारें छोड़ी गईं, आंसू गैस का इस्तेमाल हुआ तथा कील लगी लाठियों से प्रदर्शनकारी बच्चों पर लाठीचार्ज किया गया। संसद में कांग्रेस पिछले 15 दिनों से इस मुद्दे पर लगातार सवाल उठा रही है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस पर चुप्पी साधे हैं। सरकार संसद में जवाब देने से बच रही है। उन्होंने सवाल किया, "क्या यही लोकतंत्र है और क्या जनता के सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी नहीं है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा की 'डबल इंजन' सरकार पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि राज्य सरकार हर साल केवल अपने प्रचार-प्रसार पर करीब एक हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि यह पैसा किसका है और कहा कि यह जनता का पैसा है, जो जनता के करों से आता है और जिसका इस्तेमाल मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर चमकाने के लिए किया जा रहा है।

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