हल्द्वानी , सितंबर 02 -- सोशल मीडिया पर भारतीय सेना की वर्दी पहनकर खुद को पैरा स्पेशल फोर्स का मेजर बताने वाले 20 वर्षीय युवक का उत्तराखंड में नैनीताल पुलिस की एसओजी ने पर्दाफाश किया है।

मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली सूचना के बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया। उसके मोबाइल से सेना के अधिकारियों की वर्दी वाली फोटो-वीडियो और फर्जी प्रतीत होने वाला आर्मी आईडी कार्ड बरामद किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत 01 सितंबर को मिलिट्री इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने एसओजी हल्द्वानी को सूचना दी कि रोहित सिंह मेहता नाम का युवक इंस्टाग्राम पर खुद को भारतीय सेना की पैरा स्पेशल फोर्स का मेजर बताकर सेना की वर्दी में फोटो और फर्जी पहचान पत्र प्रदर्शित कर रहा है। जांच में भारतीय सेना में उसके नाम का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर एसओजी प्रभारी मोहन सिंह सौन के नेतृत्व में टीम ने संबंधित मोबाइल नंबर और युवक की तलाश की। पता चला कि आरोपी रोहित सिंह मेहता (20) मूल रूप से चंपावत जिले के कानीकोट, तहसील पाटी का रहने वाला है और हल्द्वानी के गोरापड़ाव स्थित बिरला ओपस पेंट के गोदाम में काम करता है।

पूछताछ में युवक ने पुलिस को बताया कि उसने इंटरनेट और सोशल मीडिया से सेना के अधिकारियों की वर्दी वाली तस्वीरें लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से मॉर्फ्ड फोटो तैयार कीं और उन्हें इंस्टाग्राम पर अपलोड किया।

आरोपी युवक ने पूछताछ में बताया कि उसने यह कदम सोशल मीडिया पर अपनी फॉलोइंग बढ़ाने और युवतियों को प्रभावित करने के उद्देश्य से उठाया। एसओजी ने उसके मोबाइल फोन की जांच की, जिसमें सेना के अधिकारी की वर्दी वाली फोटो और वीडियो सुरक्षित मिले। उसके कब्जे से दो स्मार्टफोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड और फर्जी प्रतीत होने वाला आर्मी आइडेंटिटी कार्ड बरामद हुआ।

पुलिस ने भारतीय सेना के अधिकारी का प्रतिरूपण कर फर्जी पहचान प्रदर्शित करने और धोखाधड़ी के मामले में कोतवाली हल्द्वानी में धारा 168, 318(3) और 319(2) बीएनएस के तहत वैधानिक कार्रवाई की है। साथ ही धारा 35(3) बीएनएसएस के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।

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