नैनीताल , अप्रैल 25 -- उत्तराखंड में आगामी 17 मई को प्रस्तावित स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने परीक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि नकलविहीन और पारदर्शी परीक्षा ही सुशासन की आधारशिला है, जिससे योग्य अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित होता है।

शनिवार को हल्द्वानी में आयोजित बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अभ्यर्थियों को समान अवसर प्रदान करने एवं आयोग व सरकार के प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए सभी व्यवस्थाएं सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया।

इसके लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट, पुलिस, कक्ष निरीक्षकों सहित ड्यूटी पर तैनात सभी कार्मिकों के लिए नई एसओपी जारी की गई है।

श्री मर्तोलिया ने कहा कि इस बार परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार का सामान रखने की अनुमति नहीं होगी। सभी परीक्षा कक्षों में जैमर लगाए जाएंगे, साथ ही सीसीटीवी कैमरों और एआई आधारित निगरानी प्रणाली की व्यवस्था की जा रही है। अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने निर्देश दिया कि परीक्षा से एक दिन पूर्व एसडीएम, पुलिस और सेक्टर मजिस्ट्रेट सभी केंद्रों का निरीक्षण करें। संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखने और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि कोई भी परीक्षा केंद्र अन्य केंद्रीय परीक्षाओं से टकराव में न हो।

श्री मर्तोलिया ने कहा कि परीक्षा ड्यूटी में लगे सभी अधिकारी और कर्मचारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करें। परीक्षा से पूर्व सभी संबंधित अधिकारियों को बैठक कर दिशा-निर्देशों और एसओपी की पूरी जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए।

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