नैनीताल , जनवरी 12 -- चुनाव अधिकारी और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश राम अवतार सिंह ने सोमवार को कहा कि उत्तराखंड बार काउंसिल चुनाव में आचार संहिता का सख्ती से अनुपालन किया जाएगा। आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सदस्यता तक रद्द की जा सकती है।
न्यायमूर्ति सिंह ने कहा कि नामांकन शुल्क लौटाया नहीं जाएगा। चुनाव के बाद शेष राशि को राज्य बार काउंसिल के कोष में जमा कर दिया जाएगा। बताया कि बार काउंसिल चुनाव में बैनर, पोस्टर, लीफलेट, लाउडस्पीकर, जुलूस, न्यायालय के अंदर और बाहर सार्वजनिक भाषण आदि निषिद्ध होंगे।
चुनाव अधिकारी ने कहा कि वोट के लिए प्रलोभन भी कदाचार की श्रेणी में आता है तथा किसी उम्मीदवार द्वारा अपमानजनक शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाएगा। ऐसी शिकायतें चुनाव अधिकारी के समक्ष की जा सकती हैं। चुनाव अधिकारी शिकायत को पर्यवेक्षक या केंद्रीय चुनाव न्यायाधिकरण को संदर्भित करेंगे और यदि शिकायत सही साबित हुई तो आरोपित प्रत्याशी का नामांकन अथवा चुनाव जीतने की स्थिति में सदस्यता भी रद्द की जा सकती है।
इधर बार काउंसिल के 25 सदस्य पदों के लिये हुए कुल 104 नामांकन पत्रों की जांच का काम शुरू हो गया है। यह जांच प्रक्रिया जारी है। यह जांच प्रक्रिया तीन दिन चलेगी।
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