नयी दिल्ली , अगस्त 24 -- उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस ने राज्य विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी है तथा पार्टी अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के साथ-साथ विधानसभा स्तर पर भाजपा विधायकों के कामकाज को भी चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है।

कांग्रेस के बड़े नेताओं की रैलियों और दौरों का सिलसिला भी तेज होने वाला है। नेता विपक्ष राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी रैली के बाद अब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की रैली की योजना बनायी जा रही है।

उत्तराखंड कांग्रेस लंबे समय से अंदरूनी अंतर्कलह से जूझती रही है, लेकिन पार्टी का दावा है कि अब संगठन पूरी तरह एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतर रहा है। परिवर्तन संकल्प यात्रा के बाद पार्टी ने जमीनी स्तर पर रणनीति को और मजबूत किया है। कांग्रेस मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर), शुद्धिकरण यज्ञ, महिला सुरक्षा, अंकिता भंडारी प्रकरण, पेपर लीक, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार को घेर रही है।

कांग्रेस संचार विभाग के राष्ट्रीय सचिव वैभव वालिया ने कहा कि पार्टी में किसी तरह की खींचतान नहीं है और पहली बार कांग्रेस पूरी मजबूती एवं एकजुटता के साथ मैदान में खड़ी है। उन्होंने कहा कि श्री राहुल गांधी पहले से ही उत्तराखंड में सक्रिय हैं और अल्मोड़ा, पौड़ी तथा देहरादून में कार्यक्रम कर चुके हैं।वहीं हाल में उन्होंने छात्रों की गूंज कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। अगले महीने श्रीमती वाड्रा उत्तराखंड का दौरा करेंगी और एक बड़ी रैली को संबोधित करेंगी। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी में सभा हो चुकी है।

श्री वालिया ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार उत्तराखंड में हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है और कांग्रेस के लगातार कार्यक्रमों से सरकार दबाव में है। उन्होंने अंकिता भंडारी प्रकरण को बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि पेपर लीक मामलों में सीबीआई जांच का अब तक कोई स्पष्ट परिणाम सामने नहीं आया है। कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर भी उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधा।

कांग्रेस हल्द्वानी में खरगे की सभा के बाद हुए शुद्धिकरण यज्ञ को भी चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है। पार्टी इसे दलित विरोधी राजनीति से जोड़कर उठाने की रणनीति बना रही है। इसके अलावा राम मंदिर और बदरीनाथ धाम से जुड़े चंदा चोरी के आरोप भी कांग्रेस के एजेंडे में शामिल हैं। चुनावी तैयारियों के तहत कांग्रेस ने प्रदेश संगठन में भी बदलाव किए हैं। कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिव स्तर पर फेरबदल के साथ विधानसभा वार प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। भाजपा सरकार के खिलाफ आरोपों को संकलित कर चार्जशीट तैयार करने के लिए समिति भी गठित की गयी है। पार्टी पिछले साढ़े नौ वर्षों के भाजपा शासन के कामकाज को जनता के बीच ले जाने के साथ घोषणा पत्र के लिए आम लोगों से सुझाव भी जुटा रही है।

कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा का अगला चरण सितंबर में देहरादून और हरिद्वार में आयोजित किया जायेगा। पार्टी के अनुसार यात्रा का पहला चरण कुमाऊं, टिहरी और गढ़वाल क्षेत्रों में पूरा हो चुका है। कांग्रेस का लक्ष्य अब जमीनी संगठन को सक्रिय कर भाजपा विधायकों के प्रदर्शन को विधानसभा स्तर पर चुनावी बहस का केंद्र बनाना है।

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