देहरादून , अप्रैल 11 -- उत्तराखंड में विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रदेशभर के सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों में आगामी 14 अप्रैल को भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती हर्षोल्लास से मनाई जाएगी।
इस संबंध में विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक द्वारा सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये हैं, ताकि कार्यक्रमों का सफल एवं प्रभावी आयोजन सुनिश्चित किया जा सके।
उत्तराखंड के विद्यालय शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने शनिवार को बताया कि आगामी 14 अप्रैल को सभी विद्यालयों में अम्बेडकर जयंती को अनिवार्य रूप से मनाया जायेगा।
इसका उद्देश्य केवल औपचारिकता निभाना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को डॉ अम्बेडकर के विचारों और मूल्यों से जोड़ना है। छात्र-छात्राएं जब डॉ. अम्बेडकर के जीवन, उनके संघर्ष और उपलब्धियों के बारे में जानेंगे, तो उनमें भी समाज के प्रति सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।
उन्होंने बताया कि विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों के अंतर्गत डॉ. अम्बेडकर की जीवनी, उनके द्वारा सामाजिक समानता, न्याय, मानवाधिकार, अस्पृश्यता उन्मूलन तथा भारतीय संविधान के निर्माण में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष परिचर्चा आयोजित की जायेगी।
साथ ही विद्यार्थियों को उनके विचारों, आदर्शों एवं सिद्धांतों से प्रेरणा लेने के लिये प्रोत्साहित किया जायेगा। इस अवसर पर भाषण, निबंध, पोस्टर निर्माण, नाटक, गायन एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जायेगा।
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