नैनीताल , अप्रैल 17 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने आबकारी नीति लेकर आबकारी आयुक्त को तलब किया है।
न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की पीठ ने प्रदेश की आबकारी नीति पर सवाल उठाते हुए उत्तराखंड के आबकारी आयुक्त को मंगलवार को आभासी माध्यम से न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है।
दरअसल नैनीताल जिले के मंगोली और रामनगर के ढिकुली में आबकारी महकमे की ओर से शराब की देसी और अंग्रेजी दो दुकानों का कुछ दिन पहले ही आवंटन किया गया है। इन दुकानों के विरोध में जनता सड़कों पर आ गयी और दुकानों का विरोध करने लगी।
जन विरोध को देखते हुए मंगोली दुकान स्वामी बलवंत सिंह और ढिकुली दुकान स्वामी सुलक्षणा साह की ओर से सुरक्षा की मांग को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि उन्हें सरकार की ओर से कानूनी रूप से दुकान आवंटित की गयी है। उन्होंने विधिवत तरीके से लाइसेंस लिया है लेकिन अवैध शराब माफियाओं के दबाव जनता दुकान के आवंटन का विरोध कर रही है।
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