देहरादून , अप्रैल 10 -- उत्तराखंड स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने ऑपरेशन प्रहार के तहत एक बड़ी कामयाबी में देहरादून के थाना प्रेमनगर क्षेत्र से आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है।

देवभूमि उत्तराखंड को अपराध मुक्त बनाये रखने के मिशन के अंतर्गत संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। इसी क्रम में गुरुवार देर रात राज्य एसटीएफ टीम द्वारा जनपद देहरादून के थाना प्रेम नगर क्षेत्रान्तर्गत एक संदिग्ध 29 वर्षीय विक्रांत कश्यप पुत्र वीरेंद्र कश्यप निवासी झाझरा, देहरादून को एक पिस्तौल, 32 बोर और सात कारतूस एवं एक स्प्रे पेंट की कैन के साथ गिरफ्तार किया। इसके विरुद्ध ऑफिसियल सीक्रेट एक्ट,बीएनएस और अन्य धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया गया है।

उत्तराखंड के पुलिस महानिरीक्षक (एसटीएफ) नीलेश आनंद भरणे ने देहरादून के गांधी रोड स्थित एसटीएफ कार्यालय में शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन आयोजित करते हुए बताया कि गिरफ्तार संदिग्ध इंस्टाग्राम एवं व्हाट्सएप के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी संगठन अल बर्क ब्रिगेड के आतंकवाद शहजाद भट्टी एवं उसके साथी राणा के लगातार संपर्क में था, जो तहरीर-ए- तालिबान हिंदुस्तान की योजना पर कार्य कर रहा था।

उन्होंने बताया कि एसटीएफ द्वारा अपने गोपनीय सूत्रों और तकनीकी सर्विलांस के जरिए जानकारी ली गयी तो पता चला कि विक्रांत नाम का एक लड़का जो झाझरा क्षेत्र प्रेम नगर देहरादून का रहने वाला है और वर्तमान में पाकिस्तानी आतंकवादी और आईएसआई एजेंट शहजाद भट्टी और उसके साथी राणा के संपर्क में रहा, जो सोशल मीडिया के माध्यम से शहजाद भट्टी से दिशा-निर्देश प्राप्त कर रहा है।

गिरफ्तार व्यक्ति ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला का प्रशंसक था और उसकी हत्या से नाराज था, वह उसकी हत्या करने वालों से बदला लेना चाहता था। इसी बीच, सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी शहजाद भट्टी ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या करने वालों से बदला लेने के संबंध में रील और पोस्ट डाली थी, जिससे वह प्रभावित हो गया। इसके बाद वह भट्टी को सोशल मीडिया पर फॉलो करने लग गया।

कुछ दिन बाद वह उसके संपर्क में आ गया। शहजाद भट्टी ने उसे कुछ टास्क दिये, जिसमें देहरादून और आसपास के मुख्य स्थानों और पुलिस थानों की वीडियो बनाकर भेजने को कहा गया। उसके बाद एक और टास्क दिया और देहरादून के आसपास के महत्वपूर्ण भवनों, संस्थानों, पुलिस मुख्यालय और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी भवनों की वीडियो और फुटेज बनाकर भेजने को कहा। उसने बताया था कि यह जगहें उसे बम से उड़ानी हैं।

इसके लिए बम, हथियार और पैसे गुर्जर नाम का आदमी मुहैया कराएगा। शहजाद भट्टी ने उसे टास्क देते हुए देहरादून के महत्वपूर्ण भवनों, संस्थानों आदि पर तहरीक ए तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) लिखने को कहा जिससे टीटीएच का नाम हो सके और लोगों में दहशत फैल सके।

भट्टी ने इसका वीडियो बनाकर भेजने को कहा, तब उसने सुभारती अस्पताल के पास गली में, सेलाकुई में एक फैक्ट्री की दीवार, अडवाणी पुल के निकट और बालाजी मंदिर झाझरा के निकट अलग-अलग स्थान पर स्प्रे पेंट से टीटीएच लिखा और वीडियो बनाकर भेजी।

श्री आनंद ने बताया कि इसके साथ ही उसने पुलिस चौकी झाझरा की लोकेशन का वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजी। इसके अलावा गिरफ्तार संदिग्ध को पाकिस्तान हैंडलर द्वारा दिल्ली स्थित एक संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं और उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता पर हैंड ग्रेनेड फेंकने का भी टास्क दिया गया था।

इसको टास्क के बदले नेपाल के रास्ते दुबई में जाकर वहां सेटल करने और अच्छा पैसा दिये जाने का भी प्रलोभन दिया गया था। गिरफ्तार संदिग्ध आतंकवादी पूर्व में 2024 और 2025 में नाभा, पंजाब में ट्रक की बॉडी बनाने का काम किया करता था। उसके बरामद मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्रकाश में आयी है जिस पर विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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