नैनीताल , जून 03 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल से कृष्णापुर तक सड़क निर्माण के मामले में प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद बर्धन को जवाबी हलफनामा दायर कर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।

याचिकाकर्ता डीएन भट्ट की ओर से दायर जनहित याचिका पर बुधवार को मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में सुनवाई हुई।

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि राज्य सरकार की ओर से कृष्णापुर से नैनीताल तक सड़क निर्माण को लेकर सहमति दी गई थी। इसके लिए वित्तीय स्वीकृति भी दी गई लेकिन अभी तक सड़क का निर्माण नहीं किया गया है। इससे यहां के निवासियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

दूसरी ओर सरकार की ओर से कहा गया कि बेलुआखान-कृष्णापुर सड़क मार्ग का कुछ हिस्सा वन भूमि के अंतर्गत आ रहा है। अभी वन भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव तैयार नहीं किया गया है। ग्रामीणों की ओर से सड़क निर्माण के लिए सहमति दे दी गई है।

याचिकाकर्ता की ओर से इसका विरोध करते हुए कहा गया कि सरकार ठोस निर्णय लेने के बजाय मुद्दे को भटका रही है। अंत में खंडपीठ ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि जवाबी हलफनामा दायर कर स्पष्ट करें कि सरकार सड़क का निर्माण करना चाहती है या नहीं? इस मामले में चार सप्ताह बाद सुनवाई होगी।

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