नैनीताल , मार्च 27 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने उत्तरकाशी जिले के पुरोला में सौड़-ओसला मोटर मार्ग के निर्माण में अनियमितता के मामले में निलंबित परियोजना प्रबंधक अजय कुमार को शुक्रवार को कोई राहत नहीं देते हुए ब्रिज, रोपवे, टनल और अन्य संरचना विकास विकास निगम लि0 (ब्रिडकुल) से तीन सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है।
मामले के अनुसार लोक निर्माण विभाग से प्रतिनियुक्ति पर आये अधिशासी अभियंता अजय कुमार को ब्रिडकुल ने सौड़-ओसला मोटर मार्ग के निर्माण में अनियमितता के आरोप में कुछ दिन पहले निलंबित कर दिया था।
आरोप है कि सौड़-ओसला मोटर मार्ग पर गागड़ गाड में आरसीसी पुल के निर्माण में मानकों की अनदेखी कर भारी लापरवाही बरती गई। ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर जारी कर दिया। साथ ही ग्रामीणों की शिकायत पर ब्रिडकुल ने उन्हें निलंबित कर दिया।
आरोपी ने ब्रिडकुल के निलंबन आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई। आरोपी की याचिका पर मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में सुनवाई हुई।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि उनका निलंबन केंद्रीय प्रशासनिक नियमों के खिलाफ है। ब्रिडकुल को उन्हें निलंबन का अधिकार नहीं है। खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को प्रारंभिक सुनवाई में किसी तरह की राहत नहीं देते हुए प्रतिवादियों को तीन सप्ताह में जवाबी हलफनामा दायर करने को कहा है।
यहां यह भी बता दें कि याचिकाकर्ता की प्रतिनियुक्ति की समयावधि आगामी 31 मार्च को खत्म हो रही है और इसके बाद आरोपी अपने मूल विभाग में समायोजित हो जायेगा।
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