एमसीबी , अप्रैल 07 -- छत्तीसगढ के एमसीबी जिले में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर कैरियर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक अहम पहल की गई है। कलेक्टर (आदिवासी विकास) कार्यालय द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत प्रतिष्ठित निजी आवासीय शिक्षण संस्थानों में निःशुल्क अध्ययन के लिए विद्यार्थियों से "रुचि की अभिव्यक्ति" आमंत्रित की गई है।
इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभावान विद्यार्थियों को उच्चस्तरीय शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे प्रतिस्पर्धी दौर में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। चयनित विद्यार्थियों को राज्य के चयनित उत्कृष्ट निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाएगा, जहां उनकी पढ़ाई, आवास, भोजन सहित समस्त शैक्षणिक व्यय शासन द्वारा वहन किया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह योजना कक्षा छवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए लागू है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली, अनुशासित वातावरण और बेहतर संसाधनों का लाभ मिलेगा, जिससे उनके समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह पहल विद्यार्थियों को भविष्य में विभिन्न प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं और कैरियर विकल्पों के लिए मजबूत आधार प्रदान करेगी।
जिला प्रशासन ने पात्र विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। इच्छुक विद्यार्थी निर्धारित प्रारूप में अपनी "रुचि की अभिव्यक्ति" 23 अप्रैल को शाम पांच बजे तक कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में जमा कर सकते हैं।
इस पहल को जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
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