लखनऊ , सितंबर 9 -- उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को प्रोत्साहित करने और गांवों के समग्र एवं सतत विकास को गति देने के लिए पहली बार 'मुख्यमंत्री विशेष पुरस्कार' शुरू करने का निर्णय लिया है।
इसके तहत प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 10 ग्राम पंचायतों का चयन कर उन्हें 50-50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
पंचायतीराज विभाग के निदेशक अमित सिंह ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना पिछले नौ वर्षों से मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल है। इसके तहत प्रत्येक जिले से पांच ग्राम पंचायतों सहित प्रदेश की 375 ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत किया जाता है।
उन्होंने बताया कि अब पहली बार इस योजना के साथ प्रदेश स्तर पर विशेष क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 10 ग्राम पंचायतों को 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विशेष पुरस्कार के लिए ग्राम पंचायतों का चयन 10 विशेष श्रेणियों में किया जाएगा। इनमें घर-घर कचरा एकत्र करने, तरल अपशिष्ट प्रबंधन, स्वयं की आय के स्रोत विकसित करने तथा प्लास्टिक मुक्त और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
अमित सिंह ने बताया कि प्रदेश की सभी इच्छुक एवं पात्र ग्राम पंचायतें 15 से 30 सितंबर 2026 तक निर्धारित पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ग्राम पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है, ताकि स्थानीय स्तर पर नवाचार, सुशासन, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सहभागिता, डिजिटल एवं सार्वजनिक सेवाओं की उपलब्धता और टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहन मिल सके। इससे गांवों को आत्मनिर्भर, स्वच्छ, सशक्त और समृद्ध बनाने के प्रयासों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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