उज्जैन , अप्रैल 3 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में लगभग 725 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश पर्यटन की इकाई "सम्राट विक्रमादित्य द हेरिटेज" की विस्तार परियोजना का भूमिपूजन किया गया, जिस पर 22.52 करोड़ रुपये की लागत आएगी। वर्तमान में इस इकाई में 19 कक्ष, तीन रेस्टोरेंट, पंचकर्म केंद्र और पुस्तकालय संचालित हैं। विस्तार के तहत 14 नए कक्ष, एक डॉर्मिटरी, कनेक्टिंग पाथवे तथा आकर्षक गार्डन और लैंडस्केपिंग विकसित की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 701.86 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 19.80 किलोमीटर लंबे उज्जैन सिंहस्थ बायपास (4-लेन) सड़क निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन किया। इस परियोजना से लगभग 5 लाख लोगों तथा सिंहस्थ 2028 में आने वाले श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा और यातायात प्रबंधन अधिक सुगम होगा।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित मार्ग में 14 किलोमीटर का 4-लेन उन्नयन और 5.8 किलोमीटर का 4-लेन विस्तारीकरण किया जाएगा, जो इंदौर-उज्जैन मार्ग के शांति पैलेस चौराहा से प्रारंभ होकर विभिन्न प्रमुख मार्गों को जोड़ते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंचेगा।

मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ 2028 को विश्व का सबसे बड़ा सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक मेला बताते हुए कहा कि इसमें 35 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इस विशाल जनसमूह के सुचारू प्रबंधन के लिए राज्य सरकार द्वारा आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह निवेश उज्जैन की अवसंरचना को मजबूत करेगा और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं वाले शहर के रूप में विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा। राज्य सरकार सिंहस्थ के सफल आयोजन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

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