उज्जैन , अप्रैल 2 -- मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में कुख्यात लॉरेंस गैंग से जुड़े शूटर राजपाल ने पुलिस दबाव के चलते आत्मसमर्पण कर दिया। उसने खरगोन में हुए फायरिंग कांड को लेकर भी कई खुलासे किए हैं।

पुलिस के अनुसार नागदा के रत्नाखेड़ी निवासी राजपाल पर गैंग से जुड़े होने और फरार आरोपियों को सहयोग देने के आरोप थे। वह खरगोन जिले के कसरावद थाना क्षेत्र में व्यापारी दिलीप राठौर के घर पर हुई फायरिंग की घटना में वांछित था, जिसकी तलाश एसआईटी और पुलिस लंबे समय से कर रही थी।

लगातार दबिश के चलते राजपाल ने गुरुवार को अपने गांव में पुलिस को बुलाकर सरेंडर कर दिया। इससे पहले उसने मीडिया के सामने दावा किया कि संबंधित व्यापारी किसानों के साथ अत्याचार करता था और इसी कारण उसे निशाना बनाया गया। उसने कहा कि पहले हमले की कोशिश असफल रही, जिसके बाद हेरी बॉक्सर के माध्यम से वारदात को अंजाम दिया गया।

राजपाल ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस उसके परिवार को परेशान कर रही थी, जिसके चलते उसने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया। उसने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि गलत काम करने वालों को गैंग नहीं छोड़ेगा, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है।

उल्लेखनीय है कि राजपाल का नाम पूर्व में भी कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मोहाली स्थित खुफिया विभाग मुख्यालय पर हुए रॉकेट लॉन्चर हमले के मामले में आरोपी दीपक रंगा को शरण देने के आरोप में उससे पूछताछ की थी।

सूत्रों के अनुसार पुलिस दबाव और संभावित मुठभेड़ के डर के चलते राजपाल ने पहले वीडियो जारी कर सरेंडर की बात कही और बाद में स्वयं पुलिस को बुलाकर आत्मसमर्पण किया। उसे हिरासत में लेने के लिए खरगोन पुलिस नागदा पहुंची थी।

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