भुवनेश्वर , अगस्त 21 -- उड़ीसा उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में राज्य सरकार ने उच्च शिक्षण संस्थानों को दिव्यांग छात्रों के लिए अधिक सुगम बनाने की दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत रैंप, लिफ्ट और दिव्यांग छात्राओं के लिए अलग एवं सुरक्षित शौचालय का निर्माण शामिल है।

न्यायमूर्ति के. आर. महापात्र और न्यायमूर्ति वी. नरसिंह की पीठ के समक्ष उच्च शिक्षा विभाग ने एक अनुपालन हलफनामा प्रस्तुत किया। विभाग ने सूचित किया कि वित्तीय सहायता के पहले चरण के तहत 700 उच्च शिक्षा संस्थानों को कवर किया गया है और मूलभूत सुविधाओं के निर्माण के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

सामाजिक सुरक्षा और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने अदालत को बताया कि उच्च शिक्षण संस्थानों में नामांकित सभी चिन्हित 1,887 दिव्यांग छात्रों का मूल्यांकन पूरा कर लिया गया है। चिन्हित छात्रों में से 402 विद्यार्थियों को आवश्यक सहायता और उपकरण प्रदान किए जा चुके हैं। अन्य 294 पात्र छात्रों के लिए 300 आवश्यक उपकरण प्रदान करने की कार्यवाही जारी है। जिलों में कमी को दूर करने के लिए अतिरिक्त स्टॉक से 130 उपकरणों के पुनर्वितरण की योजना बनाई गई है। स्टॉक में अनुपलब्ध 98 विशेष उपकरणों की आपूर्ति के लिए केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन 'एलिम्को'से अनुरोध किया गया है।

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