दरभंगा , अगस्त 05 -- ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के 54वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित परिचर्चा में बीएन मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के कुलपति प्रो. बिमलेन्दु शेखर झा ने कहा कि किसी भी राज्य का विकास शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर निर्भर करता है।विश्वविद्यालय के जुबिली हॉल में आयोजित 'भारतीय उच्च शिक्षा : परिवर्तन का एक दशक' विषयक परिचर्चा में प्रो. बिमलेन्दु शेखर झा ने पिछले एक दशक में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलावों को रेखांकित करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2035 तक कम से कम 50 प्रतिशत युवाओं को उच्च शिक्षा से जोड़ना है।

प्रो. झा ने कहा कि भारतीय विश्वविद्यालय वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं। शिक्षण संस्थानों को औद्योगिक एवं अन्य क्षेत्रों के संस्थानों के साथ अधिक से अधिक समझौते करने चाहिए, लेकिन इन सभी प्रयासों का अंतिम उद्देश्य समाज का कल्याण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस जैसे अवसर आत्ममंथन का भी अवसर हैं कि विश्वविद्यालय अब तक कहां पहुंचा है और उसे आगे किस दिशा में जाना है।

विशिष्ट अतिथि बिहार सरकार के उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. नवीन कुमार अग्रवाल ने कहा कि भारतीय उच्च शिक्षा में आया परिवर्तन केवल सरकारी नीतियों का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और समाज की सामूहिक भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में हाल के वर्षों में खोले गए 211 कॉलेजों का उद्देश्य अधिक से अधिक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा अब केवल परीक्षा और डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य नवाचार, शोध, चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास भी है। नई शिक्षा व्यवस्था में बहुविषयक अध्ययन और लचीलेपन को बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि वे केवल परिवार की आशा नहीं, बल्कि राष्ट्र की मूल पूंजी हैं।

समारोह की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. अशोक कुमार मेहता ने कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी का संदेश पढ़ा। संदेश में कहा गया कि पिछले दो वर्षों में विश्वविद्यालय में व्यापक बदलाव हुए हैं। इस दौरान 426 से अधिक नए शिक्षकों की नियुक्ति हुई है तथा कार्यरत शिक्षकों की प्रोन्नति की प्रक्रिया भी जारी है। सामाजिक विज्ञान के लिए जी प्लस-3 शैक्षणिक भवन, खेल निदेशालय और 150 विद्यार्थियों की क्षमता वाले छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है। इसी सत्र से फॉरेंसिक साइंस की पढ़ाई शुरू की जा रही है।

संदेश में कहा गया कि विश्वविद्यालय ने विभिन्न प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों और गैर सरकारी संगठनों के साथ समझौते किए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करने के साथ विश्वविद्यालय का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध, नवाचार, उद्यमिता और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना है।

पूर्व विधान पार्षद एवं विश्वविद्यालय के विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. दिलीप कुमार चौधरी ने मिथिला विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रारंभिक दौर की चर्चा करते हुए कहा कि पांच अगस्त 1972 को विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी। वर्ष 1975 में ललित नारायण मिश्र के निधन के बाद विश्वविद्यालय का नाम ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय रखा गया।

वाणिज्य संकायाध्यक्ष प्रो. एच.के. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय ने शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने स्थापना दिवस समारोह को और व्यापक बनाने की आवश्यकता जताते हुए कहा कि भविष्य में इसका आयोजन खुले स्थान पर किया जाना चाहिए, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थी और आम लोग इसमें शामिल होकर विश्वविद्यालय से जुड़े विषयों पर विचार रख सकें।

वक्ताओं ने कहा कि भारतीय उच्च शिक्षा में पिछले एक दशक के दौरान व्यापक परिवर्तन आया है और अब शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा एवं डिग्री तक सीमित नहीं रह गया है।

वक्ताओं ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को शोध, नवाचार, उद्यमिता, कौशल विकास और औद्योगिक क्षेत्र से बेहतर समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना होगा।

इससे पूर्व अतिथियों ने विश्वविद्यालय परिसर में महात्मा गांधी सहित अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। दीप प्रज्वलन के साथ समारोह का शुभारंभ हुआ। विश्वविद्यालय के संगीत एवं नाट्य विभाग के विद्यार्थियों ने राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और विश्वविद्यालय के कुलगीत की प्रस्तुति दी। अतिथियों का पाग, चादर, मिथिला पेंटिंग, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रियंका राय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक प्रो. विजय कुमार यादव ने किया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित