दरभंगा , जुलाई 28 -- बिहार के प्रतिष्ठित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. ध्रुव कुमार ने मंगलवार को कहा कि उच्च शिक्षा में अनुशासन, नैतिक मूल्य और अकादमिक प्रतिबद्धता ही सफलता की वास्तविक कुंजी है। पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान संस्थान में सत्र 2026-27 के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए आयोजित 'दीक्षारम्भ' कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर ध्रुव कुमार ने विद्यार्थियों से तकनीकी ज्ञान अर्जित करने, अनुशासित रहने तथा कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।
प्रो. कुमार ने कहा कि भारत सरकार की दीक्षारम्भ योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के वातावरण से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें कौशल विकास, अनुशासन और उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। उन्होंने पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान की बढ़ती उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाता है तथा आधुनिक सूचना प्रबंधन की चुनौतियों के लिए तैयार करता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक प्रो. दमन कुमार झा ने की। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए दीक्षारम्भ कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला और नियमित कक्षा उपस्थिति, सतत अध्ययन तथा पुस्तकालय विज्ञान की आधुनिक प्रवृत्तियों से जुड़े रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है तथा पाठ्यक्रम को पूरी निष्ठा से पूरा कर वे अपने भविष्य को सुदृढ़ बना सकते हैं।
संस्थान की उपनिदेशक डॉ. लक्ष्मी कुमारी ने कहा कि वर्तमान युग सूचना आधारित समाज का है और सूचना का प्रभावी प्रबंधन ही सफलता का आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, समयनिष्ठा और नियमित अध्ययन को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यही गुण उन्हें भविष्य में एक कुशल सूचना विशेषज्ञ एवं ज्ञान प्रबंधक के रूप में स्थापित करेंगे।
इस अवसर पर संस्थान के शिक्षकों गोपाल कृष्ण झा, मिथिलेश कुमार पासवान, गंगाराम प्रसाद तथा रंजीत कुमार महतो ने भी विद्यार्थियों का परिचय कराते हुए पाठ्यक्रम की रूपरेखा और अकादमिक गतिविधियों की जानकारी दी तथा उन्हें अध्ययन के प्रति प्रेरित किया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन एवं पुस्तकालय विज्ञान के जनक डॉ. एस. आर. रंगनाथन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. लक्ष्मी कुमारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन रंजीत कुमार महतो ने किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर कार्यालय सहायक शम्भू कुमार दास, प्रीति श्रीवास्तव सहित संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित