दरभंगा , अक्टूबर 29 -- चंद्रधारी मिथिला महाविद्यालय (सीएम कॉलेज), दरभंगा के प्रधानाचार्य प्रो. मुश्ताक अहमद ने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी छात्रों का बेरोजगार रहना शिक्षण संस्थानों के लिए बड़ी चुनौती है और इसका प्रमुख कारण शिक्षा के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर अपेक्षित ध्यान नहीं देना है। प्रो. अहमद ने गुरुवार को कॉलेज में व्यावहारिक प्रशिक्षण बोर्ड, ईस्टर्न जोन की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें स्नातक उत्तीर्ण छात्रों को इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयासरत हैं। इस दौरान छात्रों को सरकार की ओर से 12,300 रुपये की छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी।
व्यावहारिक प्रशिक्षण बोर्ड के विशेष अधिकारी अखिलेश कुमार ने कहा कि स्नातकोत्तर के सभी छात्रों को संबंधित पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना चाहिए, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए चयनित होने का अवसर मिल सके।
वाणिज्य विभागाध्यक्ष प्रो. ललित कुमार शर्मा की देखरेख में महाविद्यालय में इस कार्यक्रम को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसमें विभिन्न विभागों के अध्यक्ष भाग ले रहे हैं और छात्रों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
इस अवसर पर डॉ. मयंक श्रीवास्तव, डॉ. अनुपम सिंह, डॉ. विजय सेन पांडे, डॉ. दिनेश साह, डॉ. फैजान हैदर, डॉ. मसरूर हादी एवं डॉ. गौरव कुमार सहित अन्य शिक्षकों ने भी व्यावहारिक प्रशिक्षण के महत्व और उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
अभियान के तहत गुरुवार को सौ से अधिक छात्रों ने अपना पंजीकरण कराया। कॉलेज प्रशासन ने कहा कि छात्रों के हित में यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और इसमें सभी विभागाध्यक्षों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
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