नागपुर , फरवरी 23 -- महाराष्ट्र में नागपुर के सेंट उर्सुला गर्ल्स हाई स्कूल परीक्षा केंद्र पर उच्च माध्यमिक प्रमाणपत्र कक्षा 12वीं के रसायन विज्ञान का प्रश्नपत्र कथित रूप से लीक होने के मामले में निजी कोचिंग संस्थान के निदेशक सहित दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपियों की पहचान मानकापुर निवासी और निजी कोचिंग संस्थान के निदेशक निशिकांत मून (45) और कामगार नगर निवासी फरहान अख्तर (20) के रूप में हुई है, जो उसी संस्थान में शिक्षक के रूप में कार्यरत था। स्थानीय अदालत ने दोनों को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, रसायन विज्ञान का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले ही कथित तौर पर व्हाट्सएप के जरिये लोगों को भेज दिया गया था। यह मामला गुरुवार को तब प्रकाश में आया जब सेंट उर्सुला परीक्षा केंद्र के एक निरीक्षक को एक छात्रा पर संदेह हुआ, जो परीक्षा के दौरान बार-बार शौचालय जा रही थी। जांच करने पर, अधिकारियों को उसके पास से एक मोबाइल फोन मिला जिसमें प्रश्नपत्र और उसके हल किए हुए उत्तर मौजूद थे।
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह सामग्री लगभग 15 सदस्यों वाले एक व्हाट्सएप समूह में साझा की गई थी। इसी केंद्र की एक अन्य छात्रा भी इसमें संलिप्त पाई गई। दोनों छात्राओं के फोन जब्त कर पुलिस को सूचित कर दिया गया। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि लीक हुए प्रश्नपत्र को कथित तौर पर परीक्षा शुरू होने से पहले ही हल कर प्रसारित किया गया था। अधिकारियों को संदेह है कि श्री निशिकांत मून ने प्रश्नपत्र पहले से प्राप्त करने के लिए अपने कथित संपर्कों का उपयोग किया, जबकि श्री अख्तर पर उत्तर तैयार करने का आरोप है।
पुलिस ने बताया कि संस्थान की प्रतिष्ठा और छात्रों के भविष्य का हवाला देते हुए मामला दर्ज न करने के लिए उन पर दबाव बनाने के प्रयास किए गए थे। परीक्षा अधिकारियों के साथ हालांकि मामले की गंभीरता की पुष्टि करने के बाद औपचारिक मामला दर्ज किया गया। इस कथित लीक ने एक बड़े गिरोह की आशंका पैदा कर दी है।
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