नैनीताल , अक्टूबर 30 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी की गिरफ्तारी पर रोक लगाने और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे को निरस्त करने संबंधी याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार और शिकायतकर्ता से जवाब मांगा है। इस मामले में अगली सुनवाई 03 नवम्बर को होगी।

न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ में इस मामले में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि वह निर्दोष है और उस पर लगाये गये आरोप निराधार है।

अदालत ने प्रदेश सरकार और शिकायतकर्ता श्रीमती आर्य से इस प्रकरण में आगामी 03 नवंबर तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि केबिनेट मंत्री ने अपने पति के खिलाफ देहरादून में मुकदमा दर्ज किया है। उनके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) को सौंपी है। गिरफ्तारी से बचने के लिए श्री साहू ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

श्री साहू पर यह भी आरोप है कि उन्होंने धोखे में रखकर श्रीमती आर्य से शादी की तथा फर्जी हस्ताक्षर कर शिकायतकर्ता को कई कंपनियों के निदेशक पद से हटा दिया गया। इसके अलावा जान से मारने की धमकी देने और जातिसूचक अपशब्द कहने के आरोप भी लगाए गए हैं।

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