नैनीताल , अप्रैल 18 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एक सनसनीखेज मामले में सुरक्षा को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाने वाले कथित प्रेमी जोड़े पर कड़ा रुख अपनाते हुए नाबालिग युवती को नारी निकेतन भेजने और युवक को पुलिस हिरासत में लेने के निर्देश दिए हैं।
मामला पटियाला (पंजाब) से जुड़े एक प्रेमी जोड़े का है, जो नैनीताल पहुंचा था। बताया जा रहा है कि युवती के पिता ने पटियाला के राजपुरा सिटी थाने में युवक के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया है।
न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की पीठ में इस मामले की शुक्रवार को सुनवाई हुई लेकिन आदेश की प्रति आज मिली।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि युवती नाबालिग है और उसकी जन्मतिथि 02 अक्टूबर, 2008 है। युवक की उम्र भी विवाह के लिए निर्धारित 21 वर्ष से कम पाई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने मल्लीताल कोतवाली पुलिस को तत्काल अदालत में हाजिर होने के निर्देश दिए। अदालत में पेश उप-निरीक्षक प्रवीण कुमार को पीठ ने नाबालिग युवती को तुरंत हल्द्वानी स्थित नारी निकेतन में भर्ती कराये जाने के निर्देश दिए। साथ ही नारी निकेतन की अधीक्षिका को निर्देश दिये गये है कि युवती के पिता के आने पर सत्यापन के बाद उन्हें बेटी से मिलने दिया जाए और आवश्यक प्रक्रिया के बाद ही उसे पिता को सौंपा जा सकता है।
अदालत ने युवक जतिन के मामले में पुलिस को निर्देश दिये कि वह पंजाब पुलिस से समन्वय कर उसे उनकी हिरासत में सौंपने की प्रक्रिया पूरी करे।
अदालत ने यह भी कहा कि युवक की रिश्तेदार रुबी रानी (सहारनपुर) और एक अन्य व्यक्ति अक्षय कुमार से अंडरटेकिंग ली जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनसे संपर्क किया जा सके।
अदालत ने मल्लीताल कोतवाली को निर्देशित किया कि जब तक पंजाब पुलिस युवक को अपने कब्जे में नहीं लेती तब तक उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसी के साथ अदालत ने मामले को पूरी तरह से निस्तारित कर दिया।
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