शिमला , दिसंबर 06 -- हिमाचल प्रदेश सरकार ज़िला परिषद निर्वाचन क्षेत्रों के लिए परिसीमन के आधार को बदलने वाले मंत्रिपरिषद के फैसले को रद्द करने वाले उच्च न्यायालय के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने के मुद्दे पर कानूनी राय लेगी।

मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने शनिवार को यूनीवार्ता को बताया कि सरकार अपील दायर करने या उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार नए सिरे से परिसीमन प्रक्रिया शुरू करने पर अंतिम फैसला लेने से पहले कानूनी सलाह लेगी।

गौरतलब है कि न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रमेश वर्मा की खंडपीठ ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (चुनाव) नियम, 1994 के नियम 9(2) में किए गए संशोधन को रद्द कर दिया था। अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि मंत्रिमंडल संशोधन को मंज़ूरी देते समय ठीक से विचार करने में विफल रही। यह स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों में जनसंख्या अनुपात को नियंत्रित करने वाली संवैधानिक योजना का उल्लंघन करता है।

अदालत ने निर्देश दिया कि पंचायती राज चुनाव अब बिना बदले हुए कानूनी ढांचे के तहत और संविधान और पंचायती राज अधिनियम के अनुसार ही होने चाहिए। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को संवैधानिक आदेश के अनुसार चुनाव से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के लागू होने के बाद भी कोई भी मतदाता मतदान से वंचित न रहे।

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